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IndusInd Bank Share Price: Q2 के नतीजे पर 2% चढ़ा शेयर, अब निकालें मुनाफा या अभी और भागेगा ऊपर?

IndusInd Bank Share Price: सितंबर तिमाही में घाटे से मुनाफे में आने और एसेट क्वालिटी में सुधार ने इंडसइंड बैंक के शेयरों की चमक बढ़ा दी। जानिए बैंक के लिए सितंबर तिमाही कैसी रही है और इसके शेयर किस भाव तक जा सकते हैं, इसे लेकर ब्रोकरेज फर्मों का क्या कहना है

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Oct 26, 2026 पर 2:17 PM
IndusInd Bank Share Price: Q2 के नतीजे पर 2% चढ़ा शेयर, अब निकालें मुनाफा या अभी और भागेगा ऊपर?
सितंबर 2026 तिमाही में IndusInd Bank सालाना आधार पर ₹437 करोड़ के घाटे से ₹1,242 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच गया।

IndusInd Bank Share Price: प्राइवेट सेक्टर लेंडर इंडसइंड बैंक के शेयरों में आज खरीदारी का अच्छा रुझान दिखा। सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर घाटे से मुनाफे में आने, एसेट क्वालिटी में सुधार और प्रोविजन्स में कमी ने इसके शेयरों में जोश भरा। हालांकि NIM (नेट इंटेरेस्ट मार्जिन) पर दबाव अहम चिंता बना हुआ है जिसने शेयरों की अधिकतर तेजी खा ली। फिलहाल बीएसई पर यह 0.98% की बढ़त के साथ ₹843.20 पर है। इंट्रा-डे में यह 2.33% उछलकर ₹854.45 तक पहुंचा था। एक साल में इसके शेयरों के चाल की बात करें तो 30 मार्च 2026 को बीएसई पर एक साल के निचले स्तर ₹750.45 से चार ही महीने में 43.62% उछलकर 22 जुलाई 2026 को एक साल के हाई ₹1077.80 पर पहुंच गया।े

IndusInd Bank के लिए कैसी रही सितंबर तिमाही

सितंबर 2026 तिमाही में इंडसइंड बैंक सालाना आधार पर ₹437 करोड़ के घाटे से ₹1,242 करोड़ के शुद्ध मुनाफे में पहुंच गया। इस दौरान बैंक की ब्याज से शुद्ध कमाई यानी NII (नेट इंटेरेस्ट इनकम) भी 3.6% बढ़कर ₹4,569 करोड़ पर पहुंच गया। बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (प्रोविजन्स छोड़कर और अन्य एडजस्टमेंट्स के साथ) 40.4% बढ़कर ₹2,875 करोड़ हो गया। तिमाही आधार पर बैंक की एसेट क्वालिटी में सुधार दिखा और ग्रास एनपीए 3.25% से 2.73% और नेट एनपीए 0.95% से 0.83% पर आ गया।

अब आगे की बात करें तो मैनेजमेंट को उम्मीद है कि लोन ग्रोथ इंडस्ट्री के ग्रोथ के हिसाब से रहेगी और फोक सिक्योर्ड रिटेल लेंडिंग और MSMEs लोन पर रहेगा। बैंक को यह भी भरोसा है कि NIM पर जो दबाव है, उससे अगले दो तिमाहियों में बैंक उबर जाएगा। सितंबर तिमाही में FCNR (B) यानी फॉरेन करेंसी नॉन-रेजिडेंट डिपॉजिट्स के चलते एनआईएम को 7-8 बेसिस प्वाइंट्स का झटका लगा।

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