IT कंपनी इंफोसिस अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 25 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड देने वाली है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 10 जून है। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। फाइनल डिविडेंड की घोषणा कंपनी ने अप्रैल महीने में की थी, जब जनवरी-मार्च 2026 तिमाही और वित्त वर्ष 2026 के नतीजे जारी हुए थे।
कंपनी की 23 जून को होने वाली सालाना आम बैठक में इस डिविडेंड पर शेयरहोल्डर्स की मंजूरी ली जाएगी। पेमेंट 25 जून को किया जाएगा। इंफोसिस इससे पहले वित्त वर्ष 2026 के लिए 23 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। वित्त वर्ष 2025 के लिए कंपनी ने 21 रुपये का अंतरिम और 22 रुपये का फाइनल डिविडेंड दिया था। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है।
Infosys का शेयर 6 महीनों में 26 प्रतिशत कमजोर
इंफोसिस के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 1197 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 4.85 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर 6 महीनों में 26 प्रतिशत गिरा है। BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 1,727.85 रुपये और एडजस्टेड लो 1,089.10 रुपये है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 14.38 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। नवंबर 2025 में इंफोसिस ने अपना अब तक का सबसे बड़ा शेयर बायबैक किया था। कंपनी ने शेयरहोल्डर्स से 18000 करोड़ रुपये के शेयर वापस खरीदे थे। बायबैक प्राइस 1800 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था।
मार्च 2026 तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद अप्रैल महीने में जेफरीज ने इंफोसिस के शेयर के लिए 'होल्ड' रेटिंग दोहराई थी। टारगेट प्राइस घटाकर 1235 रुपये प्रति शेयर कर दिया था। मॉर्गन स्टेनली ने 'इक्वलवेट' रेटिंग बरकरार रखी थी लेकिन टारगेट प्राइस 1760 रुपये से घटाकर 1380 रुपये कर दिया था। नोमुरा ने 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी थी लेकिन टारगेट 1630 रुपये से बढ़ाकर 1640 रुपये कर दिया था।
सिटी ने 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखी थी और टारगेट प्राइस घटाकर 1300 रुपये कर दिया था। मोतीलाल ओसवाल ने 'बाय' रेटिंग और 1450 रुपये का टारगेट प्राइस दोहराया था। HDFC Securities ने भी 'बाय' रेटिंग और 1550 रुपये का टारगेट बरकरार रखा था।
मार्च तिमाही में मुनाफा 21 प्रतिशत बढ़ा
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में इंफोसिस का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 20.8 प्रतिशत बढ़कर 8501 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 7033 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 13.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 46402 करोड़ रुपये हो गया। मार्च 2025 तिमाही में यह 40925 करोड़ रुपये था। डॉलर रेवेन्यू 6.6 प्रतिशत बढ़कर 504 करोड़ डॉलर हो गया। EBIT 13.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 9743 करोड़ हो गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 10.20 प्रतिशत बढ़कर 29440 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 9.6 प्रतिशत बढ़कर 178650 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
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