Infosys Q2 results: मुनाफा 6% बढ़कर ₹7,823 करोड़ पर पहुंचा,₹26 डिविडेंड का किया ऐलान
Infosys Q2 results: दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड (Infosys) ने FY27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 6% बढ़कर 7,823 करोड़ रुपये हो गया।
Infosys Q2 results: दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड (Infosys) ने FY27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं।
Infosys Q2 results: दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड (Infosys) ने FY27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट 6% बढ़कर 7,823 करोड़ रुपये हो गया। ऊर्जा और यूटिलिटी सेक्टर के ग्राहकों की ओर से मांग बढ़ी है और कंपनियों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेवाओं पर अधिक खर्च किया है। यहीं कारण है कि कंपनी के मुनाफे में बढ़त देखने को मिली । वहीं पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 7,364 करोड़ रुपये था।
कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू Q2FY26 के 44,490 करोड़ रुपये से 11% बढ़कर Q2FY27 में 49,244 करोड़ रुपये हो गया।
हर शेयर पर ₹26 डिविडेंड देगी
कंपनी के बोर्ड ने निवेशकों के लिए ₹26 प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके लिए 3 नवंबर 2026 को रिकॉर्ड डेट (Record Date) और 11 नवंबर 2026 को भुगतान की तारीख (Payout Date) तय की गई है।
नतीजों पर क्या है मैनेजमेंट का कहना?
इंफोसिस के CEO और MD सलिल पारेख ने कहा, “हमारे पास 5.2 अरब डॉलर के बड़े सौदे थे, जिनमें 2 अरब डॉलर से अधिक का एक बहुत बड़ा सौदा भी शामिल है। इससे बाजार में एक भरोसेमंद पार्टनर के रूप में हमारी स्थिति और मजबूत हुई है, खासकर तब जब क्लाइंट बड़े और जटिल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम शुरू करते हैं। हमारा AI रेवेन्यू 10.5% रहा और इसमें तिमाही-दर-तिमाही 29% की वृद्धि हुई। जैसे-जैसे कंपनियां बड़े पैमाने पर AI को अपना रही हैं, AI रेवेन्यू में यह मजबूत वृद्धि हमारी अलग बाजार स्थिति और क्लाइंट्स के भरोसे को दर्शाती है।”
उन्होंने आगे कहा, "हम दुनिया के कुछ सबसे बड़े उद्यमों को उनकी AI रणनीति के बारे में सलाह दे रहे हैं। साथ ही, हम गहरे डोमेन और तकनीकी क्षमताओं में निवेश करना जारी रखे हुए हैं, ताकि नए विचार और एक एकीकृत इकोसिस्टम लाया जा सके, जिससे व्यवसायों को बड़े पैमाने पर AI से मिलने वाले लाभों को हासिल करने में मदद मिल सके।"
FY27 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस को किया संशोधित
FY2026-27 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को संशोधित किया। कंपनी ने इसे 'कॉन्स्टेंट करेंसी' (स्थिर मुद्रा) के आधार पर 1-2 प्रतिशत कर दिया है, जबकि पहले इसका अनुमान 1.5-3 प्रतिशत था। कंपनी ने अपने ऑपरेटिंग मार्जिन गाइडेंस को पहले जैसा ही बनाए रखा है।
जून तिमाही में, इन्फोसिस ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को 1.5-3.5 प्रतिशत से घटाकर 1.5-3 प्रतिशत कर दिया था। कंपनी ने ऐसा मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितताओं और चालू वित्त वर्ष के बाकी समय के लिए मांग के अपने आकलन को देखते हुए किया था।
यह नया आउटलुक ऐसे समय में आया है जब भारत की IT सर्विस कंपनियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें ग्राहकों द्वारा सोच-समझकर किया जाने वाला खर्च, बदलती मांग और टेक्नोलॉजी खर्च पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रभाव शामिल है।
डील मोमेंटम और डिमांड पर टिप्पणी
सितंबर तिमाही के लिए बड़े सौदों का कुल कॉन्ट्रैक्ट मूल्य (TCV) 5.2 अरब डॉलर रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 3.6 अरब डॉलर था। इस डील वैल्यू का 60 प्रतिशत से अधिक हिस्सा पूरी तरह से नए बिजनेस से आया है।
जून तिमाही में, कंपनी ने बताया था कि बड़े सौदों के पीछे 'वेंडर कंसोलिडेशन' (विक्रेताओं की संख्या कम करना) एक मुख्य कारण है, क्योंकि कंपनियां अपने टेक्नोलॉजी सर्विस प्रोवाइडर्स की संख्या घटाना चाहती हैं।
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