Infosys : कमजोर नतीजों के बीच 5 दिनों में 10% टूट गए शेयर, जानिए क्या है ब्रोकरेज फर्मों की राय

Infosys ने चालू वित्त वर्ष के लिए रेवेन्यू गाइडेंस घटाकर 1-3.5 फीसदी कर दिया है। पहले यह अनुमान 4-7 फीसदी पर था। रेवेन्यू गाइडेंस में यह कटौती मार्केट के अनुमान से भी ज्यादा तेज है। कंपनी ने चुनौतीपूर्ण मैक्रोइकनॉमिक माहौल को इस कटौती का कारण बताया है

अपडेटेड Jul 25, 2023 पर 6:59 PM
Infosys के शेयरों में पिछले 5 कारोबारी दिनों में 10 फीसदी की गिरावट आई है।

आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Infosys के शेयरों में पिछले 5 कारोबारी दिनों में 10 फीसदी की गिरावट आई है। आज भी यह स्टॉक 0.071 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ 1335.65 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। दरअसल, कंपनी ने हाल ही में जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं, जो कि एक्सपर्ट्स के अनुमान से कमजोर रहे। कंपनी ने इस वित्त वर्ष 2023-24 के अपने रेवेन्यू गाइडेंस को भी घटा दिया है। यही वजह है कि स्टॉक को लेकर निवेशकों का सेंटीमेंट खराब हुआ है।

कैसे रहे तिमाही नतीजे

इंफोसिस ने चालू वित्त वर्ष के लिए रेवेन्यू गाइडेंस घटाकर 1-3.5 फीसदी कर दिया है। पहले यह अनुमान 4-7 फीसदी पर था। रेवेन्यू गाइडेंस में यह कटौती मार्केट के अनुमान से भी ज्यादा तेज है। कंपनी ने चुनौतीपूर्ण मैक्रोइकनॉमिक माहौल को इस कटौती का कारण बताया है। इसके चलते न सिर्फ इंफोसिस के शेयर धड़ाम से गिर गए बल्कि रिजल्ट का ऐलान होने के बाद 20 जुलाई को नास्डाक पर एडीआर (अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट्स) भी 8.4 फीसदी फिसल गया।


ब्रोकरेज फर्मों की मिली-जुली राय

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने इंफोसिस के शेयरों पर अपनी Buy रेटिंग को बरकरार रखा है। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्रोकरेज के मुताबिक मीडियम टर्म में आईटी खर्चों में उछाल से इसे फायदा मिलेगा। ब्रोकरेज ने कहा कि हमने गाइडेंस कटौती को ध्यान में रखते हुए अपने FY24 EPS अनुमानों को 4% कम कर दिया है, लेकिन हम मोटे तौर पर अपने FY25 अनुमानों को बनाए रखते हैं। हम 22.5x FY25E EPS पर स्टॉक का मूल्य INR1,600 पर रखते हैं।

हालांकि, अन्य ब्रोकरेज फर्मों ने इसे अंडरपरफॉर्म रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म मैक्वेरी (Macquarie) ने जून तिमाही के नतीजों पर निराशा जताई है और इसे अंडरपरफॉर्म रेटिंग दी है। वहीं नोमुरा ने भी इसकी रेटिंग डाउनग्रेड कर रिड्यूस कर दी और टारगेट प्राइस करीब 1 फीसदी घटाकर 1210 रुपये कर दिया। दूसरी तरफ जेपीमॉर्गन का मानना है कि रेवेन्यू गाइडेंस में तेज कटौती वास्तविकता को पहचानना है और अब इसके आधार पर वैल्यूएशन भी तय होना चाहिए। ब्रोकरेज का मानना है कि नेट प्रॉफिट में सुस्ती और गाइडेंस में कटौती से कंपनी के शॉर्ट से मीडियम टर्म में इंफोसिस के वैल्यूएशन पर असर पड़ेगा।

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