Religare Enterprises की एजीएम में देरी पर इनगवर्न ने उठाए सवाल, SEBI से मामले की जांच की मांग की

Religare Enterprises की एनुअल जनरल मीटिंग सितंबर में होने वाली थी। इनगवर्न ने कहा है कि कंपनी के एजीएम स्थगित करने के फैसले से कई सवाल खड़े होते हैं। उसने कहा है कि सेबी को इस मामले की जांच करनी चाहिए। मार्केट रेगुलेटर को यह भी देखने की जरूरत है कि एजीएएम में देरी का फैसला किस तरह लिया गया

अपडेटेड Sep 23, 2024 पर 12:15 PM
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रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के खिलाफ जांच चल रही है। कंपनी मामलों के मंत्रालय (MCA) ने सीरियस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) को Religare Enterprises और Religare Finvest की जांच करने को कहा था।
     
     
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    रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के एनुअल जनरल मीटिंग (एजीएम) स्थगित करने पर इनगवर्न ने सवाल उठाए हैं। उसने पूछा है कि चूंकि रेलिगेयर एक लिस्टेड कंपनी है और इसका बर्मन फैमिली से कानूनी लड़ाई चल रही है, जिससे सेबी को एजीएम स्थगित करने के फैसले पर तुरंत विचार करना चाहिए। मार्केट रेगुलेटर को यह देखना चाहिए कि एजीएम को स्थगित कर क्या रेलिगेयर ने नियमों का उल्लंघन किया है। इनगवर्न प्रॉक्सी एडवायजरी फर्म है।

    कंपनी ने नहीं बताई एजीएम में देरी की वजह

    InGovern की रिपोर्ट में कहा गया है, "रेलिगेयर के एजीएम का स्थिगत होना गवर्नेंस, शेयरहोल्डर्स राइट्स और कंपनी की स्टैबिलिटी को लेकर कई सवाल खड़े करता है। कंपनी ने एजीएम में देरी की स्पष्ट वजह नहीं बताई है, जिससे शेयरहोल्डर्स परेशान हैं। इस मामले में वे कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।" इनगवर्न ने कहा है कि SEBI को एजीएम स्थगित करने के कंपनी के फैसले की जांच करनी चाहिए। मार्केट रेगुलेटर को यह भी देखने की जरूरत है कि एजीएएम में देरी का फैसला किस तरह लिया गया।


    नियमों के उल्लंघन पर पेनाल्टी लगाने की मांग

    इनगवर्न ने यह भी कहा है कि अगर सेबी जांच में यह पाता है कि रेलिगेयर ने नियमों का उल्लंघन किया है तो वह कंपनी या उसके एग्जिक्यूटिव्स पर पेनाल्टी लगा सकता है। पेनाल्टी के तहत बड़े अमाउंट का जुर्माना लगाने के साथ ही कंपनी के नियमों का पूरी तरह से पालन करने तक शेयर जारी करने पर रोक लगाई जा सकती है। इससे शेयरहोल्डर्स को कड़ा संदेश जाएगा और भविष्य में ऐसा करने पर रोक लगेगी।

    कंपनी के खिलाफ चल रही है जांच

    रेलिगेयर एंटरप्राइजेज के खिलाफ जांच चल रही है। कंपनी मामलों के मंत्रालय (MCA) ने सीरियस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस (SFIO) को Religare Enterprises और Religare Finvest की जांच करने को कहा था। जांच के दौरान इन कंपनियों और ट्रांसफेरर फर्मों (Transferor Firms) के बीच फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन मिले हैं। इनगवर्न की रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे इस मामले की जांच पर असर पड़ सकता है।

    कंपनी पर इनसाइडर ट्रेडिंग के भी आरोप

    कंपनी पर इनसाइडर ट्रेडिंग के भी आरोप हैं। बर्मन फैमिली ने आरोप लगाया है कि कंपनी की एग्जिक्यूटिव चेयरपर्सन रश्मि सलूजा ने तब शेयर बेचे थे, जब उनके पास ऐसी संवेदनशील जानकारियां थी, जिनका असर शेयरों की कीमतों पर पड़ सकता था। SEBI सलूजा से जुड़े इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों की जांच कर रहा है। सलूजा के कार्यकाल के लिहाज से एजीएम बहुत जरूरी है। दोबारा चेयरपर्सन पद पर उनकी नियुक्ति के प्रस्ताव पर एजीएम की मंजूरी जरूरी है। यह एजीएम सितंबर में होने वाला था।

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    बर्मन फैमिली की है बड़ी हिस्सेदारी

    बर्मन फैमिली के पास दिग्गज एफएमसीजी कंपनी Dabur का मालिकाना हक है। इस परिवार की रेगिलेयर एंटरप्राइजेज में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है। बर्मन परिवार ने करीब एक साल पहले प्रति शेयर 235 रुपये के रेट्स से रेलिगेयर एंटरप्राइजेज में अतिरिक्त 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान किया था। 20 सितंबर को Religare Enterprises के शेयर 275 रुपये पर क्लोज हुए थे। 23 सितंबर को शेयर का प्राइस करीब 12 बजे 0.35 फीसदी की मजबूती के साथ 275.95 रुपये था।

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