Lok Sabha Election के नतीजों तक बाजार रह सकता है रेंज बाउंड, परिणामों के बाद मार्केट में क्या होगा? एक्सपर्ट्स से जानिए

आने वाले दिनों में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के अलग-अलग चरण भी होंगे इसको लेकर उनका कहना है कि भारतीय शेयर बाजारों ने आम चुनावों में वर्तमान सरकार के लिए अनुकूल नतीजों की उम्मीद पर काफी हद तक ध्यान केंद्रित किया है

अपडेटेड Apr 07, 2024 पर 4:11 PM
देश में लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कई चरणों में मतदान डाला जाएगा और परिणाम जून में आएंगे।

Lok Sabha Election Date: देश में लोकसभा चुनाव का माहौल बना हुआ है। वहीं जून के पहले हफ्ते में लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के परिणामों का ऐलान किया जाएगा। इसके साथ ही लोकसभा चुनाव के दौरान शेयर बाजार पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस दौरान शेयर बाजार रेंज बाउंड रह सकता है। अल्फा कैपिटल के सीनियर कंसल्टेंट और पार्टनर कुणाल जैन ने मनीकंट्रोल के साथ खास बातचीत में कई मुद्दों पर बातचीत की।

रेंज बाउंड रह सकता है मार्केट

कुणाल जैन का कहना है कि 4 जून 2024 को लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने तक शेयर बाजार रेंज बाउंड रह सकते हैं। उनका मानना है कि चुनाव नतीजों के बाद ही महत्वपूर्ण गतिविधियों की उम्मीद की जाती है। बाजार की धारणा नतीजे, केंद्रीय बजट, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की कार्रवाई और कॉर्पोरेट इनकम जैसे कारकों से काफी प्रभावित होती है, जो विकास के अगले चरण को आकार देगी।


बदलाव आया

कुणाल का कहना है कि बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर के जरिए घोषित अंतिम आंकड़े हमारी उम्मीदों के अनुरूप हैं। वर्तमान में कैपिटल मार्केट में अवसरों के संबंध में निवेशकों के साथ बातचीत कर रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से बैंकिंग क्षेत्र ने आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, कैपिटल मार्केट से जुड़ी संस्थाओं के प्रति निवेशकों की रुचि में उल्लेखनीय बदलाव आया है।

इनमें है फ्लो

उनका कहना है कि भारतीय शेयर बाजारों में म्यूचुअल फंड एसआईपी, ईपीएफ, एनपीएस और इंश्योरेंस से प्रति माह लगभग 25,000 करोड़ रुपये का लगातार फ्लो हो रहा है, जिसमें निकट भविष्य में वृद्धि की उम्मीद है। यह आंकड़ा हर गुजरते महीने के साथ बढ़ता जा रहा है, जो इस क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत देता है।

गति करेंगी निर्धारित 

साथ ही महंगाई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इंफ्लेशन को 4 फीसदी पर लाने का RBI का फोकस स्पष्ट है। CPI के माध्यम से मापी गई मुद्रास्फीति 2024 के पहले दो महीनों में दिसंबर में 5.7 प्रतिशत से गिरकर 5.1 प्रतिशत हो गई है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमत, मानसून और यूएस फेड की गतिविधियां इस वर्ष की गति निर्धारित करेंगी।

ध्यान केंद्रित

सााथ ही आने वाले दिनों में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान के अलग-अलग चरण भी होंगे। इसको लेकर उनका कहना है कि भारतीय शेयर बाजारों ने आम चुनावों में वर्तमान सरकार के लिए अनुकूल नतीजों की उम्मीद पर काफी हद तक ध्यान केंद्रित किया है। यह अनुमान है कि 4 जून, 2024 को चुनाव परिणाम घोषित होने तक बाजार रेंज बाउंड रहेगा। चुनाव नतीजों के बाद महत्वपूर्ण गतिविधियों से बाजार में हलचल पैदा होगा।

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