Investment Mantra : जून तिमाही में दिखेगा वेस्ट एशिया संकट का असर, अच्छे भाव पर मिल रहे बैंकिंग और NBFC शेयर

Investment Mantra :रमेश मंत्री का कहना है कि जियोपॉलिटिकल तनाव से रुपये पर दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव को पचा लेगा। कच्चे तेल में पहले भी भारी तेजी दिखी है। ये कोई पहली बार नहीं है। भारत को अपने एनर्जी सिक्योरिटी में सुधार करना होगा

अपडेटेड May 15, 2026 पर 2:22 PM
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Investment Mantra : रमेश मंत्री ने कहा कि चौथी तिमाही में कंपनियों के नतीजे मजबूत रहे हैं। लार्जकैप कंपनियों के भी नतीजे अच्छे रहे हैं। कंपनियों को GST कटौती का फायदा मिला है

Investment Mantra : जियोपॉलिटिकल तनाव और क्रूड में उबाल के बीच निवेशक बेहाल दिख रहे हैं। उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों के लिए कहां हैं छिपने की जगह, जोरदार उतार-चढ़ाव में MF निवेशक क्या करें, बाजार में अब निकलें या बढ़ाएं निवेश? इस सब सवालों के जवाब देने के लिए आज हमारे साथ रहे व्हाइओक कैपिटल AMC के CIO रमेश मंत्री। आइए इनमें जानते हैं कि बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण माहौल में क्या है इनका निवेश मंत्र।

अगले 10 साल में ऑयल एक्सप्लोरेशन और नेचुरल गैस में बढ़ेगा निवेश

रमेश मंत्री का कहना है कि जियोपॉलिटिकल तनाव से रुपये पर दबाव देखने को मिल रहा है। बाजार धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव को पचा लेगा। कच्चे तेल में पहले भी भारी तेजी दिखी है। ये कोई पहली बार नहीं है। भारत को अपने एनर्जी सिक्योरिटी में सुधार करना होगा। अगले दशक में एनर्जी सिक्योरिटी पर फोकस बढ़ेगा। सरकार ने ऑयल प्रोडक्शन पर रॉयल्टी घटाई है। अगले 10 साल में ऑयल एक्सप्लोरेशन और नेचुरल गैस में निवेश बढ़ेगा। इस सेगमेंट से जुड़े शेयरों में लॉन्ग टर्म में अच्छा पैसा बनेगा


चौथी तिमाही के नतीजे रहे अच्छे

रमेश मंत्री ने आगे कहा कि चौथी तिमाही में कंपनियों के नतीजे मजबूत रहे हैं। लार्जकैप कंपनियों के भी नतीजे अच्छे रहे हैं। NBFCs,फार्मा,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के नतीजे अच्छे रहे हैं। कंपनियों को GST कटौती का फायदा मिला है। जून तिमाही के नतीजों में वेस्ट एशिया तनाव का असर दिखेगा। भारत के फंडामेंटल काफी मजबूत हैं। लार्जकैप कंपनियों के वैल्यूएशन और फंडामेंटल काफी बेहतर हैं। निवेशकों को लंबी अवधि का नजरिया रखना चाहिए। बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

स्मॉल और मिडकैप स्कीम में ज्यादा SIP निवेश

रमेश मंत्री ने आगे कहा कि 2026 में FIIs ने 20 अरब डॉलर की बिकवाली की। FIIs ने फाइनेंशियल शेयरों में ही 10 अरब डॉलर की बिकवाली की। स्मॉलकैप और मिडकैप स्कीम में ज्यादा SIP निवेश आया है। लॉर्जकैप स्कीम से SIP फ्लो नहीं देखने को मिला है।

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बैंकिंग, NBFCs कंपनियों के वैल्युएृशन सस्ते

रमेश मंत्री का कहना है कि बैंकिंग और NBFCs कंपनियों के वैल्युएृशन सस्ते है। इनके नतीजे भी अच्छे रहे है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स कंपनियों के वैल्युएृशन बेहतर हैं। हेल्थकेयर कंपनियों के नतीजे मजबूत रहे हैं। आगे इन शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, लार्जकैप IT शेयरों में दबाव दिख रहा है। यह IT सेक्टर के लिए चुनौतिपूर्ण समय है।

 

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