मणप्पुरम फाइनेंस (Manappuram Finance) की सहायक कंपनी आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस (Asirvad Microfinance) जल्द ही डी-स्ट्रीट (D-Street ) पर अपना आईपीओ (IPO) ला सकती है। नेटवर्क 18 को सूत्रों के हवाले ये जानकारी मिली है। सूत्रों के अनुसार आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस ने IPO की तैयारी शुरू कर दी है। इस आईपीओ के जरिये कंपनी की 1500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। इस रकम का उपयोग कंपनी की ग्रोथ में किया जायेगा। माइक्रोफाइनेंस फर्म ने अपनी यात्रा तमिलनाडु में शुरू की और 29 अगस्त, 2007 को कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत शामिल की गई। इसे फरवरी 2015 में मणप्पुरम फाइनेंस द्वारा अधिग्रहित किया गया था।
सूत्रों के हवाले से नेटवर्क 18 के अश्विन मोहन ने कहा कि Asirvad Microfinance कंपनी के IPO के लिए जेएम फाइनेंशियल, नोमुरा, कोटक (JM Financial, Nomura, Kotak) बैंकर होंगे। ये पूरी तरह से नए शेयरों का इश्यू हो सकता है। सूत्रों के अनुसार सितंबर में कंपनी सेबी के पास अर्जी दे सकती है।
Manappuram ने कंपनी को फरवरी 2015 में खरीदा
अश्विन मोहन ने आगे कहा कि हालांकि इस IPO के बारे में मणप्पुरम फाइनेंस (Manappuram Finance) की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है लिहाजा उनके जवाब का इंतजार है। मणप्पुरम ने कंपनी को फरवरी 2015 में खरीदा था। FY23 तक आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस का AUM 10,040 करोड़ रुपये और मुनाफा 218 करोड़ रुपये रहा।
यह कंपनी इनकम जनरेटिंग प्रोग्राम (IGP) लोन, प्रोडक्ट लोन, MSME लोन और गोल्ड लोन जैसे MFI लोन प्रदान करने का कारोबार करती है।
21 जनवरी, 2008 से शुरू हुआ पहला लेंडिंग ऑपरेशन
बता दें कि Asirvad Microfinance ने 14 दिसंबर, 2007 को आरबीआई (RBI) से एनबीएफसी (NBFC) लाइसेंस प्राप्त किया। इसका पहला लेंडिंग ऑपरेशन 21 जनवरी, 2008 से शुरू हुआ। जैसे ही मणप्पुरम ने कंपनी का अधिग्रहण किया, इसके पोर्टफोलियो ने 1000 करोड़ रुपये AUM के आंकड़े को छू लिया। अधिग्रहण ने माइक्रोफाइनेंस संस्थान को काफी कम लागत पर बैंक फाइनेंस तक बेहतर पहुंच प्राप्त करने में मदद की। इसने अन्य प्रमुख भौगोलिक क्षेत्रों में इसका तेजी से विस्तार किया।
आज कंपनी की 22 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों के 391 जिलों में 1,684 शाखाओं के साथ पूरे भारत मौजूदगी है।
इसकी FY22-23 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, आशीर्वाद माइक्रोफाइनेंस का AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) 10,040.89 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा PAT (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) 218.13 करोड़ रुपये रहा जबकि वित्त वर्ष 21-22 में मुनाफा 15 करोड़ रुपये रहा था।
कंपनी के पास 32 लाख कर्जदार और 15,784 कर्मचारी हैं, जिसका कुल डिस्बर्समेंट 19,248 करोड़ रुपये है।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)