आईपीओ बाजार में गतिविधियां चरम पर हैं। कई शेयरों ने निवेशकों को जोरदार लिस्टिंग्स गेंस दिए हैं। तो कई ने निराश किया है। आगे जियो प्लेटफॉर्म्स और एनएसई के आईपीओ आने वाले हैं। ये दोनों ही काफी बड़े आईपीओ हैं। इन्हें इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि दोनों आईपीओ में कंपनियां अपने शेयरों की कितनी कीमत तय करती हैं। सवाल है कि क्या आईपोओ में पैसे लगाना फटाफट कमाई का गारंटीड फॉर्मूला है?
बीते पांच सालों में कई शेयर लिस्ट होते ही दोगुने हो गए
पिछले पांच साल की बात की जाए तो आईपीओ पेश करने वाली कई कंपनियों के शेयर लिस्टिंग के दिन दोगुने हो गए थे। इससे थोड़े समय में ही निवेशकों का पैसा दोगुना हो गया था। लेकिन, आईपीओ पेश करने वाली सभी कंपनियों के शेयरों का प्रदर्शन दमदार नहीं रहा। कुछ शेयर तो प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए, लेकिन बाद में उनमें गिरावट देखने को मिली।
सिगाची इंडस्ट्रीज का शेयर 253% प्रीमिमय पर लिस्ट हुआ था
Sigachi Industries ने 2021 में आईपीओ पेश किया था। कंपनी का शेयर 253 फीसदी प्रीमियम के साथ 570 रुपये पर लिस्ट हुआ था। कंपनी ने इनवेस्टर्स को 163 रुपये की कीमत पर शेयर इश्यू किए थे। लिस्टिंग प्राइस से यह शेयर 94 फीसदी गिर चुका है। 28 अगस्त को यह शेयर 1.91 फीसदी गिरकर 33.13 रुपये पर बंद हुआ।
185% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ था विभोर इंडस्ट्रीज का शेयर
Vibhor Steel Tubes का आईपीओ फरवरी 2024 में आया था। साइज में यह इश्यू छोटा था। लेकिन, इसके शेयर दमदार प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए थे। कंपनी ने 151 रुपये की कीमत पर इनवेस्टर्स को शेयर इश्यू किए थे। शेयर 181.5 फीसदी प्रीमियम के साथ 442 रुपये पर लिस्ट हुए थे। लेकिन, लिस्टिंग प्राइस से यह शेयर 75 फीसदी गिर चुका है। 28 अगस्त को यह शेयर 1.30 फीसदी गिरकर 111.17 रुपये पर बंद हुआ। कंपनी का शेयर इश्यू प्राइस से नीचे आ गया है। इसका मतलब है कि लिस्टिंग के तुरंत बाद शेयर बेचने वाले इनवेस्टर्स जश्न मना रहे होंगे, जबकि शेयर को होल्ड करने वाले इनवेस्टर्स अफसोस कर रहे होंगे।
लिस्टिंग के बाद से 31 फीसदी क्रैश कर चुका है टाटा टेक का शेयर
Tata Technologies ने 2023 में आईपीओ पेश किया था। इस इश्यू को इनवेस्टर्स का जबर्दस्त रिस्पॉन्स मिला था। कंपनी ने इनवेस्टर्स को प्रति शेयर 500 रुपये की कीमत पर शेयर इश्यू किए थे। यह शेयर 140 फीसदी प्रीमियम के साथ 1,200 रुपये पर लिस्ट हुआ था। इसका मतलब है कि इस आईपीओ ने निवेशकों का पैसा दोगुना से ज्यादा कर दिया था। लेकिन, तब से शेयर 31 फीसदी क्रैश कर चुका है। 28 अगस्त को यह 4.35 फीसदी चढ़कर 834.10 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, इसका भाव इश्यू प्राइस से ऊपर बना हुआ है।
बजाज फाइनेंस का शेयर लिस्टिंग के बाद से 48% नीचे
बजाज हाउसिंग फाइनेंस का आईपीओ 2024 में आया था। कंपनी ने 70 रुपये के भाव पर इनवेस्टर्स को शेयर इश्यू किए थे। शेयर की लिस्टिंग 114 रुपये के प्रीमियम के साथ 150 रुपये पर हुई थी। तब से यह शेयर 48 फीसदी गिर चुका है। 28 अगस्त को यह यह 0.28 फीसदी गिरकर 85.05 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, यह अपने इश्यू प्राइस से अब भी ऊपर है। लेकिन, लिस्टिंग पर मुनाफा बुक नहीं करने वाले इनवेस्टर्स काफी निराश हैं।
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