PB Fintech Share Price: Policybazaar के शेयरों पर अलर्ट, इस कारण दिख सकता है दबाव

PB Fintech Share Price: बीमा नियामक IRDA के प्रस्ताव का पॉलिसीबाजार (Policybazaar) की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के शेयरों में नियर टर्म में दबाव दिख सकता है। ऐसा ब्रोकरेज फर्म बर्न्स्टीन का मानना है। जानिए पॉलिसीबाजार के शेयरों पर ऐसा दबाव क्यों दिख सकता है और इरडा के प्रस्ताव का एलआईसी (LIC) और एसबीआई लाइफ (SBI Life) को कितना झटका लग सकता है

अपडेटेड Sep 24, 2026 पर 8:57 AM
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ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि IRDA के प्रस्तावों से पॉलिसीबाजार (Policybazaar) की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक (PB Fintech) के मुनाफे का गणित बिगड़ सकता है।

PB Fintech Share Price: पॉलिसीबाजार (Policybazaar) की पैरेंट कंपनी पीबी फिनटेक के शेयरों में नियर टर्म में बिकवाली का दबाव दिख सकता है। ऐसा ब्रोकरेज फर्म बर्न्स्टीन का मानना है। 24 सितंबर की अपनी रिपोर्ट में बर्न्स्टीन ने डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म पर इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI का ड्राफ्ट पेपर सामने आने के बाद पॉलिसीबाजार पर इस दबाव की बात कही है। अभी इसके शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले बीएसई पर यह 5% की बढ़त के साथ ₹1890.00 पर बंद हुआ था। अभी पिछले महीने यशिश दहिया के पद छोड़ने की अफवाहों पर इसके शेयरों में तेज हलचल दिखी थी, लेकिन यशिश ने इसका खंडन किया था।

Policybazaar की PB Fintech पर Bernstein क्यों बेयरेश

बर्न्स्टीन ने अपनी रिपोर्ट में जिक्र किया है कि डिस्ट्रीब्यूशन रिफॉर्म्स पर बीमा नियामक IRDA के प्रस्ताव का सबसे अधिक नुकसान पीबी फिनटेक को होगा क्योंकि इसके टेक-रेट्स यानी कमीशन पर कॉल सेंटर की लागत नहीं निकाल पाएगी।


इरडा ने बीमा की लागत कम करने, अंडरसर्व्ड लोगों तक इसका कवरेज बढ़ाने और इंश्योरेंस सेक्टर की टिकाऊ ग्रोथ को लेकर स्ट्रक्चरल रिफॉर्म का प्रस्ताव पेश किया है। इसमें मैनेजमेंट से जुड़े खर्चों को तार्किक बनाने, सेगमेंट के हिसाब से कमीशन की लिमिट फिर से तय करने, डार्क पैटर्न पर रोक लगाने यानी बिना पर्सनल डिटेल्स के प्रोडक्ट और कीमत की जानकारी देने, पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स पर कमीशन की दर बताने और मोटर इंश्योरेंस की प्रक्रिया को आसान बताने की बात है। इसमें अन्य प्रस्ताव भी हैं जैसे कि बैंक कौन सी पॉलिसी और कैसे बेचें, एजेंटों को इंसेंटिव देने पर रोक, इंश्योरेंस बेचने के लिए MIIs (मल्टी-इंश्योरेंस इंटरमीडियरीज) का इस्तेमाल कैसे हो, और क्रेडिट लाइफ जैसे इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की अनिवार्य बंडलिंग पर रोक।

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इन प्रस्तावों से पीबी फिनटेक के मुनाफे का गणित बिगड़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इरडा के प्रस्तावित कैप से कंपनियों की हेल्थ/टर्म इंश्योरेंस ग्रोथ पर कुछ असर पड़ेगा। हालांकि कम लागत और हायर एजेंसी-यूलिप मिक्स वाली कंपनियों जैसे कि एसबीआई लाइफ और एलआईसी पर इसका असर कम होगा। इरडा के प्रस्ताव के हिसाब से कोटेशन देने के लिए कॉन्टैक्ट डिटेल्स नहीं मांगा जा सकता है जो बर्न्स्टीव के मुताबिक पीबी फिनटेक के लिए ग्राहक बनाने का एक मुख्य जरिया है। इसके अलावा बर्न्स्टीन के मुताबिक ड्राफ्ट पेपर में एडवाइजरी फीस और मार्केटिंग खर्च से जुड़े लूपहोल्स को भी खत्म किया जा रहा है जिसका हल पीबी फिनटेक को खोजना होगा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

पॉलिसीबाजार के शेयरों ने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। पिछले साल 9 दिसंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹1,963.00 के भाव पर था, जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से 3 ही महीने में यह 32.03% फिसलकर 2 मार्च 2026 को ₹1,334.20 पर आ गया, जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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