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ईरान युद्ध से पाकिस्तान को सबसे ज्यादा नुकसान! हिंसक प्रदर्शन, सऊदी समझौता और तेल के झटकों से पिस रहा पड़ोसी देश

ईरान युद्ध का असर पाकिस्तान पर गहरा पड़ता दिख रहा है। देश में हिंसक प्रदर्शन, सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौते की दुविधा, बढ़ती तेल कीमतें और कमजोर अर्थव्यवस्था ने पाकिस्तान को कई मोर्चों पर संकट में डाल दिया है। जानिए पाकिस्तान ने खुद कैसे अपने लिए खड़ी कर ली हैं मुश्किलें।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Mar 10, 2026 पर 11:07 PM
ईरान युद्ध से पाकिस्तान को सबसे ज्यादा नुकसान! हिंसक प्रदर्शन, सऊदी समझौता और तेल के झटकों से पिस रहा पड़ोसी देश
ईरान युद्ध ने पाकिस्तान की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था की कई कमजोरियों को उजागर कर दिया है।

ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष का असर अब पूरे पश्चिम एशिया में फैल रहा है और पाकिस्तान भी इसकी चपेट में आ गया है। यह युद्ध सीधे तौर पर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच है। लेकिन, इसका असर पाकिस्तान पर उन कई देशों से ज्यादा दिखाई दे रहे हैं, जो सीधे लड़ाई में शामिल हैं।

पाकिस्तान इस समय एक साथ कई संकटों से जूझ रहा है। सड़कों पर हिंसक विरोध प्रदर्शन, बढ़ता ईंधन संकट, कमजोर अर्थव्यवस्था और अफगानिस्तान के साथ सीमा तनाव ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इससे पाकिस्तान की विदेश नीति के विरोधाभास भी सामने आ गए हैं और नेतृत्व पर दबाव बढ़ गया है।

कुछ ही महीने पहले पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता किया था और खुद को मुस्लिम दुनिया में अहम भूमिका निभाने वाला देश बताने की कोशिश की थी। लेकिन अब उसे खाड़ी देशों, ईरान और अमेरिका के बीच संतुलन बनाने की मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। इसका असर देश के भीतर बढ़ते तनाव और आर्थिक दबाव के रूप में दिखाई दे रहा है।

पाकिस्तान में हिंसक विरोध प्रदर्शन

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