IRFC OFS: इस रेलवे कंपनी में 2% हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, OFS के जरिए जुटाएगी पैसा

IRFC OFS: सरकार IRFC में 2% तक हिस्सेदारी बेचने जा रही है। OFS के जरिए होने वाली इस बिक्री पर निवेशकों की नजर है। जानिए कब खुलेगा इश्यू, सरकार को इससे कितना पैसा मिल सकता है और कंपनी के शेयर का अब तक का सफर कैसा रहा है।

अपडेटेड Jun 23, 2026 पर 8:07 PM
मार्च 2026 तिमाही के अंत तक सरकार के पास IRFC में 84.35% हिस्सेदारी थी।

IRFC OFS: केंद्र सरकार ने इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) में हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। सरकार कंपनी में 1% हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए बेचेगी। इसके अलावा 1% अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने के लिए ग्रीनशू ऑप्शन भी रखा गया है। यानी अगर निवेशकों की मांग मजबूत रही, तो कुल 2% हिस्सेदारी तक बेची जा सकती है।

DIPAM सचिव के मुताबिक, नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स के लिए OFS बुधवार को खुलेगा। रिटेल इनवेस्टर्स गुरुवार को बोली लगा सकेंगे।

सरकार तेजी से बेच रही है हिस्सेदारी


IRFC में हिस्सेदारी बिक्री सरकार की विनिवेश योजना का हिस्सा है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसा जुटा रही है।

21 मई के बाद से सरकार OFS के जरिए ₹16,000 करोड़ से ज्यादा जुटा चुकी है। इस दौरान Coal India, Central Bank of India, NLC India, NHPC और General Insurance Corporation of India (GIC) में हिस्सेदारी बेची गई है।

हाल के ज्यादातर OFS को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसी वजह से कई मामलों में सरकार ने ग्रीनशू ऑप्शन का भी इस्तेमाल किया है।

पिछली बार अच्छा रिस्पॉन्स नहीं

IRFC का OFS इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे पहले Cochin Shipyard के OFS में सरकार को उम्मीद के मुताबिक मांग नहीं मिली थी।

सरकार वहां 2% हिस्सेदारी बेचना चाहती थी। इसके साथ 2% का अतिरिक्त ग्रीनशू ऑप्शन भी रखा गया था। लेकिन गैर-खुदरा निवेशकों की तरफ से मांग कमजोर रही। इसके बाद सरकार ने अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने का फैसला वापस ले लिया।

संस्थागत निवेशकों के लिए बोली वाले दिन करीब 1.18 करोड़ शेयर बिना बिके रह गए थे। अगर ग्रीनशू ऑप्शन पूरी तरह लागू हो जाता, तो सरकार को ₹5,400 करोड़ से ज्यादा मिल सकते थे।

IRFC शेयर का सफर कैसा रहा?

IRFC का IPO 2021 में ₹26 प्रति शेयर के इश्यू प्राइस पर आया था। इसके बाद करीब दो साल तक शेयर सीमित दायरे में कारोबार करता रहा।

फिर 2023 में इसमें तेज तेजी आई। 2024 में शेयर ₹229 के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद इसमें लगातार गिरावट देखने को मिली। सोमवार के बंद भाव के आधार पर शेयर अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 57% नीचे है।

मार्च 2026 तिमाही के अंत तक सरकार के पास IRFC में 84.35% हिस्सेदारी थी। यह SEBI के न्यूनतम 75% सार्वजनिक हिस्सेदारी नियम से काफी ज्यादा है। इसी वजह से सरकार धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी घटा रही है।

कंपनी में किनके पास है हिस्सेदारी?

मार्च 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, म्यूचुअल फंड्स के पास कंपनी की 0.27% हिस्सेदारी है। वहीं Life Insurance Corporation of India (LIC) के पास 2.54% हिस्सेदारी है। करीब 50 लाख छोटे खुदरा निवेशकों के पास कंपनी की 9.68% हिस्सेदारी है।

IRFC रेल मंत्रालय के तहत आने वाली नवरत्न सरकारी कंपनी है। यह रेलवे के लिए फंड जुटाने का काम करती है। रेलवे की नई परियोजनाओं और रोलिंग स्टॉक की खरीद में इसकी अहम भूमिका रहती है।

Cochin Shipyard में भी आ सकता है OFS

इस बीच Cochin Shipyard भी चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार कंपनी में एक और OFS लाने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि यह OFS मौजूदा बाजार भाव से 6% से 8% डिस्काउंट पर आ सकता है। फिलहाल सरकार के पास कंपनी में 67.91% हिस्सेदारी है।

अगर यह बिक्री होती है, तो यह संकेत होगा कि सरकार आने वाले महीनों में विनिवेश की रफ्तार और तेज कर सकती है।

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