IT Stocks: एक्सपर्ट्स को आईटी स्टॉक्स में दिख रहे निवेश के मौके, क्या आप करेंगे इनवेस्ट?

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में डोनाल्ड ट्रंप की जीत से अमेरिका में इंडियन आईटी कंपनियों के लिए स्थितियां अनूकूल बनती दिख रही हैं। ऐसा लगता है कि एक बार फिर से इंडियन आईटी कंपनियों के अच्छे दिन लौटने वाले हैं। खासकर लार्जकैप और मिडकैप आईटी स्टॉक्स में तेजी दिख सकती है

अपडेटेड Nov 26, 2024 पर 2:18 PM
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आईटी कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत है।

कई मार्केट एक्सपर्ट्स को आईटी कंपनियों के शेयरों में निवेश के मौके दिख रहे हैं। आईटी कंपनियों के शेयरों के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद ऐसे वक्त दिख रही है, जब सितंबर तिमाही में कंपनियों के खराब प्रदर्शन से मार्केट उबरने की कोशिश कर रहा है। आईटी कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की जीत है। ट्रंप के राष्ट्रपति बनने पर इंडियन आईटी कंपनियों के अच्छे दिन लौटने की उम्मीद है। इन कंपनियों को अमेरिका में बड़ी डील मिल सकती है। उधर, टैक्स घटाने की ट्रंप की पॉलिसी से मैन्युफैक्चरिंग और बीएफएस सेक्टर की कमाई बढ़ेगी। इससे ये कंपनियां आईटी पर खर्च बढ़ा सकती हैं।

आईटी कंपनियों के लिए अच्छे दिन आने वाले हैं

एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुल मिलाकर इंडियन आईटी कंपनियों (IT Stocks) के लिए अमेरिका में स्थिति अनुकूल होने जा रही है। मार्केट एक्सपर्ट सुनील सुब्रमण्यम ने कहा, "आईटी स्टॉक्स मेरी पहली पसंद हैं।" डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी का भी इंडियन आईटी कंपनियों को फायदा मिलेगा। इंडियन आईटी कंपनियों के रेवेन्यू में एक्सपोर्ट्स की बड़ी हिस्सेदारी है। हालांकि, ट्रंप के राष्ट्रपति बनने पर अमेरिका में इमिग्रेशन कानून सख्त हो सकते हैं। इसका असर इंडिन आईटी कंपनियों पर पड़ सकता है।


इमीग्रेशन नियमों में सख्ती का नहीं पड़ेगा असर

सुब्रमण्यम का कहना है कि इमिग्रेशन के नियमों में सख्ती के मसले को बढ़ाचढ़ाकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि H-1B वीजा का असर मुख्य रूप से ऑनशोर वर्क पर पड़ता है, जिसकी आईटी ऑपरेशन में छोटी हिस्सेदारी है। ऑनशोर वर्क के कई विकल्प उपलब्ध हैं। इनमें नियर-शोरिंग (कनाडा या मैक्सिको में एंप्लॉयीज का काम करना) और ऑफशोरिंग (एंप्लॉयीज का इंडिया में काम करना) शामिल है। सुब्रमण्यम का कहना है कि आउटसोर्सिंग मॉडल पर किसी तरह का असर पड़ने नहीं जा रहा है, जो अमेरिकी कंपनियों के लिए सबसे किफायती मॉडल है।

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लार्जकैप और मिडकैप आईटी स्टॉक्स अट्रैक्टिव

कार्नेलियन कैपिटल के कुणाल शाह का मानना है कि कुछ आईटी कंपनियों की वैल्यूएशन अब भी ज्यादा है। लार्ज और कुछ मिडकैप आईटी कंपनियों की वैल्यूएशन सही लग रही है। इनमें निवेश के मौके हैं। लार्जकैप आईटी कंपनियों को अमेरिका में इंटरेस्ट रेट घटने और बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) कंपनियों के खर्च बढ़ाने से फायदा होगा। उन्होंने कहा कि मिडकैप आईटी कंपनियों खासकर इंजीनियरिंग एंड रिसर्च डेवलपमेंट और प्रोडक्ट कंपनियों में निवेश के मौके हैं।

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