GQG के राजीव जैन ने 5 सालों से रखा था अदाणी के शेयरों पर नजर, निवेश के लिए सही कीमत का कर रहे थे इंतजार

राजीव जैन (Rajiv Jain) की इनवेस्टमेंट फर्म ने अदाणी ग्रुप की 4 कंपनियों के करीब 15,446 करोड़ के शेयर खरीदे हैं। जैन ने बताया कि वह करीब 5 सालों से अडानी ग्रुप के शेयरों पर नजर रखे हुए थे, लेकिन अपने अधिक वैल्यूएशन के चलते ये शेयर उनके 'दायरे से बाहर' बने हुए थे। हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर उन्होंने कहा, "उनका अपना नजरिया है और हमारा अपना"

अपडेटेड Mar 03, 2023 पर 6:54 PM
राजीव जैन ने कहा कि अडानी ग्रुप के पास "आकर्षक कीमत पर" शानदार एसेट्स हैं

राजीव जैन (Rajiv Jain) करीब 5 सालों से अदाणी ग्रुप के शेयरों (Adani Group Shares) पर नजर रखे हुए थे, लेकिन अपने अधिक वैल्यूएशन के चलते ये शेयर उनके 'दायरे से बाहर' बने हुए थे। इनवेस्टमेंट फर्म जीक्यूजी पार्टनर्स (GQG Partners) के को-फाउंडर राजीव जैन आखिरकार अब जाकर शेयर उनके दायरे में आते हुए दिखे हैं और उन्होंने ग्रुप की 4 कंपनियों में करीब 15.446 करोड़ रुपये का निवेश किया है। पिछले कुछ हफ्तों से विवादों का सामना कर रहे अदाणी ग्रुप के लिए ये निवेश राहत भरा रहा और उसके सभी शेयर आज लगातार दूसरे दिन तेजी के साथ बंद हुए।

जैन ने अदाणी ग्रुप की कंपनियों में यह हिस्सेदारी गुरुवार 2 मार्च को खरीदी। ऑस्ट्रेलियन फाइनेंशियल रिव्यू को दिए एक इंटरव्वू में जैन ने कहा कि अदाणी ग्रुप के पास "आकर्षक कीमत पर" शानदार एसेट्स हैं।

GQG पार्टनर्स ने स्टॉक एक्सजेंच पर कई ब्लॉक डील के जरिए ये हिस्सेदारी खरीदी है। यह हिस्सेदारी जिन 4 कंपनियों में खरीदी गई है, उनमें अदाणी एंटरप्राइजेज (Adani Enterprises), अदाणी पोर्ट्स ( Adani Ports), अदाणी ट्रांसमिशन (Adani Transmission) और अदाणी ग्रीन (Adani Green) शामिल है।


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जैन को भरोसा है कि यह निवेश एक अच्छा रिटर्न देने वाला दांव साबित होगा। उन्होंने इंटरव्यू में बताया, "भारत का लगभग 25 प्रतिशत एयर ट्रैफिक उनके (अदाणी) एयरपोर्ट्स से होकर गुजरता है और भारत का 25 से 40 प्रतिशत कार्गो वॉल्यूम उनके बंदरगाहों से होकर जाता है।"

जैन ने कहा, "अदाणी ग्रीन एनर्जी भारत में अब तक की सबसे तेज ग्रोथ करने वाली और देश की सबसे बड़ी ग्रीन एनर्जी कंपनी है। वे सालाना लगभग 3 गीगावाट का उत्पादन बढ़ा रहे हैं। इसलिए, मुझे लगता है कि उनकी कुछ एसेट्स शानदार हैं। "

हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर जैन ने क्या कहा?

अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) ने बीते 24 जनवरी को अदाणी ग्रुप पर अकाउंटिंग फ्रॉड और शेयरों में हेरफेर की कोशिश का आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट जारी की थी, जिसके बाद इसके शेयरों में तगड़ी गिरावट आई थी। रिपोर्ट के बाद पिछले 6 हफ्तों में ग्रुप की मार्केट वैल्यू करीब 11 लाख करोड़ रुपये घट चुकी है।

राजीव जैन ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट पर कहा, "उनका अपना नजरिया है और हमारा अपना। हम उनके विचार से असहमत होते हैं, और यही बाजार बनाता है।" उन्होंने कहा, "इस बीच बहुत सारी सररकारें आ और जा चुकी हैं। कोई धोखाधड़ी आमतौर पर 30 सालों तक नहीं चलती है। ये अधिक से अधिक 3 महीने या 3 साल हो सकती है, लेकिन 30 साल नहीं।"

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