गुरुवार को आए आंकड़ों से पता चला कि कमजोर घरेलू मांग के कारण लगातार दूसरी तिमाही में अप्रत्याशित रूप से हुई गिरावट के कारण जापान की अर्थव्यवस्था मंदी की चपेट में आ गई है। इसके चलते जापानी केंद्रीय बैंक की इस साल किसी समय अपनी अति नर्म नीति से बाहर निकलने की संभावना को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। अप्रत्याशित रूप से कमजोर प्रदर्शन के कारण जापान ने दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का खिताब खो दिया है। अब उसकी जगह जर्मनी ने ले ली है।
