Jefferies India ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के शेयर की रेटिंग को 'बाय' से घटाकर 'होल्ड' कर दिया है। साथ ही टारगेट प्राइस को भी कम कर दिया है। दिल्ली सरकार की ओर से कैब एग्रीगेटर्स और डिलीवरी सर्विसेज के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को मंजूरी दिए जाने के बाद Jefferies India ने यह कदम उठाया है। जेफरीज ने वित्त वर्ष 2025 के बाद IGL (Indraprastha Gas Ltd.) वॉल्यूम पर संभावित 30 प्रतिशत की मार का अनुमान लगाया है और इसे देखते हुए स्टॉक के लिए टारगेट प्राइस को 3 प्रतिशत कम करके 465 रुपये प्रति शेयर कर दिया है। पहले 565 रुपये प्रति शेयर का टार्गेट प्राइस सेट किया गया था।
इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के शेयर में शुक्रवार 20 अक्टूबर को भी गिरावट है। कंपनी का शेयर 12 प्रतिशत तक नीचे आया है। शुक्रवार सुबह शेयर बीएसई पर गिरावट के साथ 448.45 रुपये पर खुला। फिर इसने पिछले बंद भाव 457.45 रुपये से 12 प्रतिशत की गिरावट देखी और 408.25 रुपये पर आ गया। एनएसई पर शेयर 447.45 रुपये पर खुला और पिछले बंद भाव 457.65 रुपये से 12 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 408 रुपये तक आया।
वॉल्यूम में कैब एग्रीगेटर्स की हिस्सेदारी लगभग 30%
जेफरीज का मानना है कि नई जनरल एडवायजरीज के चलते एनसीआर में स्लोडाउन की भरपाई की संभावना नहीं है। IGL के वॉल्यूम में 88 प्रतिशत का योगदान एनसीआर का है। IGL के वॉल्यूम में कैब एग्रीगेटर्स की हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है, जिसमें उबर, ओला और ई-कॉमर्स डिलीवरी सर्विसेज सबसे बड़े कॉन्ट्रीब्यूटर हैं। उबर 2023 की शुरुआत में टाटा मोटर्स को 25,000 ईवी का ऑर्डर दे चुकी है। इसके अलावा IGL का लगभग 15 प्रतिशत वॉल्यूम डीटीसी बसों और थ्रीव्हीलर्स से आता है। ये वाहन भी 5,500 ईवी बसों की खरीद और थ्रीव्हील ईवी के लिए अनुकूल इकोनॉमिक्स के कारण ईवी से संबंधित जोखिमों का सामना कर रहे हैं।
वैल्यूएशन मल्टीपल किया कम
जेफरीज ने FY25/26 EPS को 7-9 प्रतिशत तक घटा दिया है और EV-संबंधित जोखिमों के बढ़ने के कारण वैल्यूएशन मल्टीपल को कम कर दिया है। जेफरीज के मुताबिक नए क्षेत्रों में IGL का विस्तार और संभावित अधिग्रहण, ग्रोथ के अवसर प्रदान करते हैं लेकिन ये एनसीआर क्षेत्र में मंदी की पूरी तरह से भरपाई नहीं कर सकते हैं। जेफरीज की रिपोर्ट में कहा गया कि IGL के मामले में FY24-26 के लिए वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान 3 प्रतिशत/6 प्रतिशत/6 प्रतिशत कम कर दिया गया है। मैनेजमेंट गाइडेंस के अपर एंड पर यूनिट EBITDA मार्जिन माना लिया गया है।
क्या है दिल्ली सरकार की नई पॉलिसी
दिल्ली सरकार ने कैब एग्रीगेटर्स, डिलीवरी सर्विसेज और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए ईवी ट्रांजिशन पॉलिसी का प्रस्ताव दिया है। इसे उपराज्यपाल की मंजूरी का इंतजार है। इस पॉलिसी में इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर धीरे-धीरे शिफ्ट होने की जरूरत है, जिसमें कुल नई खरीद में से 50 प्रतिशत तीन साल के अंदर इलेक्ट्रिक होगी और पूरी 100 प्रतिशत खरीद नोटिफिकेशन डेट से पांच साल के अंदर इलेक्ट्रिक होगी। 1 अप्रैल 2030 तक सभी एग्रीगेटर्स के पास पूरी तरह से इलेक्ट्रिक फ्लीट होना चाहिए।