जेट एयरवेज मामले में एनसीएलटी (NCLT) ने जेट एयरवेज का स्वामित्व जालान कालरॉक कंसोर्शियम को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है। जेट एयरवेज को लेंडर्स का भुगतान सेटल करने के लिए 180 दिनों का वक्त दिया गया है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक ओनरशिप ट्रांसफर के लिए 180 दिनों की डेडलाइन भी तय की गई है। NCLT ने जालान कालरॉक कंसोर्शियम (Jalan Kalrock Consortium) को क्रेडिटर्स के भुगतान के लिए 6 महीने का वक्त भी दिया है।
जेकेसी ने जेट का स्वामित्व उसको सौंपने के लिए बेंच से निर्देश देने की अपील की थी। हालांकि, जेट एयरवेज के ऋणदाताओं ने कहा कि जेकेसी ने एनसीएलटी द्वारा मंजूर रिजोल्यूशन प्लान में उल्लिखित पांच में से तीन शर्तों को पूरा नहीं किया था। जेट एयरवेज के ऋणदाताओं और जेकेसी के बीच असहमति के इस बिंदु पर गतिरोध पैदा हो गया था। क्योंकि नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के 21 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा था कि जेकेसी ने "निगरानी समिति की संतुष्टि के लिए सभी आवश्यक शर्तें पूरी कर ली हैं।
जेट एयरवेज की निगरानी समिति के सदस्य आशीष छावछरिया (Ashish Chhawchharia) ने 2 जनवरी को जेकेसी को एक पत्र भेजा था जिसमें उन्होंने संजीव कपूर को जेट एयरवेज के सीईओ के पदनाम ( designation)का उपयोग करने पर आपत्ति जताई थी क्योंकि एयरलाइन को रिजोल्यूशन प्लान के तहत जेकेसी को सौंप जाना अभी बाकी है।
क्योंकि एयरलाइन एनसीएलटी के फैसले का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। ऐसे में जेट एयरवेज के संजीव कपूर ने कर्मचारियों से जीत का जश्न मनाने के लिए कहा है। पिछले साल मार्च में विमानन सेक्टर के दिग्गज संजीव कपूर को जेकेसी द्वारा ग्राउंडेड जेट एयरवेज के सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया था। निगरानी समिति में 7 सदस्य हैं। निगरानी समिति में आशीष छावछरिया एक नान-वोटिंग मेंबर के रूप में शामिल हैं। इसके अलावा इस समिति में ऋणदाताओं द्वारा चुने गए तीन वोटिंग मेंबर और जेकेसी द्वारा चुने गए तीन वोटिंग मेंबर शामिल हैं।
NSE पर जेट एयरवेज के शेयर 1.15 बजे के आसपास 3.45 रुपए यानी 4.95 फीसदी की बढ़त के साथ 73.15 रुपए पर नजर आ रहे थे। इस शेयर का 52 वीक लो 62.30 रुपए का है। वहीं, इसका 52 हाई 136.50 रुपए है। स्टॉक का वॉल्यूम 56293 शेयरों का है।