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Jet Airways Case: NCLT ने एयरलाइन का मालिकाना हक जालान कालरॉक कंसोर्शियम को ट्रांसफर करने की मंजूरी दी

CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक ओनरशिप ट्रांसफर के लिए 180 दिनों की डेडलाइन भी तय की गई है। NCLT ने जालान कालरॉक कंसोर्टियम को क्रेडिटर्स के भुगतान के लिए 6 महीने का वक्त भी दिया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 13, 2023 पर 1:34 PM
Jet Airways Case: NCLT ने एयरलाइन का मालिकाना हक जालान कालरॉक कंसोर्शियम को ट्रांसफर करने की मंजूरी दी
जेट एयरवेज को लेंडर्स का भुगतान सेटल करने के लिए 180 दिनों का वक्त दिया गया है

जेट एयरवेज मामले में एनसीएलटी (NCLT) ने जेट एयरवेज का स्वामित्व जालान कालरॉक कंसोर्शियम को ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी है। जेट एयरवेज को लेंडर्स का भुगतान सेटल करने के लिए 180 दिनों का वक्त दिया गया है। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक ओनरशिप ट्रांसफर के लिए 180 दिनों की डेडलाइन भी तय की गई है। NCLT ने जालान कालरॉक कंसोर्शियम (Jalan Kalrock Consortium) को क्रेडिटर्स के भुगतान के लिए 6 महीने का वक्त भी दिया है।

जेकेसी ने जेट का स्वामित्व उसको सौंपने के लिए बेंच से निर्देश देने की अपील की थी। हालांकि, जेट एयरवेज के ऋणदाताओं ने कहा कि जेकेसी ने एनसीएलटी द्वारा मंजूर रिजोल्यूशन प्लान में उल्लिखित पांच में से तीन शर्तों को पूरा नहीं किया था। जेट एयरवेज के ऋणदाताओं और जेकेसी के बीच असहमति के इस बिंदु पर गतिरोध पैदा हो गया था। क्योंकि नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के 21 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा था कि जेकेसी ने "निगरानी समिति की संतुष्टि के लिए सभी आवश्यक शर्तें पूरी कर ली हैं।

जेट एयरवेज की निगरानी समिति के सदस्य आशीष छावछरिया (Ashish Chhawchharia) ने 2 जनवरी को जेकेसी को एक पत्र भेजा था जिसमें उन्होंने संजीव कपूर को जेट एयरवेज के सीईओ के पदनाम ( designation)का उपयोग करने पर आपत्ति जताई थी क्योंकि एयरलाइन को रिजोल्यूशन प्लान के तहत जेकेसी को सौंप जाना अभी बाकी है।

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