Jewellery Stocks: ज्वेलरी सेक्टर में तूफानी तेजी, 14% तक उछले स्टॉक्स; सरकार का ये फैसला बना वजह

Jewellery Stocks: सरकार के एक फैसले ने ज्वेलरी स्टॉक्स में तूफानी तेजी ला दी। 14% तक उछाल के पीछे क्या है असली वजह? जानिए क्या ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री और मार्जिन बढ़ने वाले हैं।

अपडेटेड Apr 06, 2026 पर 2:44 PM
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Senco Gold का शेयर 14% तक उछल गया। वहीं, Kalyan Jewellers में 6% से ज्यादा तेजी देखने को मिली।

Jewellery Stocks: सरकार ने सोने और चांदी के बेस इंपोर्ट प्राइस घटा दिए हैं। इसके बाद ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली। इस फैसले से पूरे सेक्टर का माहौल पॉजिटिव हो गया है।

Senco Gold का शेयर 14% तक उछल गया। वहीं, Kalyan Jewellers में 6% से ज्यादा तेजी देखने को मिली। PC Jeweller के शेयर भी करीब 4% तक उछल गए। टाटा ग्रुप की टाइटन में भी 3.5% से ज्यादा तेजी देखने को मिली।

इंपोर्ट प्राइस में कितनी हुई कटौती


Informist की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने चांदी का बेस इम्पोर्ट प्राइस घटाकर 2,427 डॉलर प्रति किलो (करीब 2,26,096 रुपये) कर दिया है, जो पहले 2,820 डॉलर था।

वहीं सोने का बेस इम्पोर्ट प्राइस घटाकर 1,526 डॉलर प्रति 10 ग्राम (करीब 1,42,223 रुपये) कर दिया गया है, जो पहले 1,652 डॉलर प्रति 10 ग्राम था।

क्यों पॉजिटिव है यह फैसला

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया में जियोपॉलिटिकल तनाव बना हुआ है। इंपोर्ट प्राइस कम होने का सीधा फायदा ज्वेलर्स को मिलेगा।

इससे कच्चा माल सस्ता पड़ेगा, इन्वेंटरी लागत सुधरेगी और ग्राहकों के लिए भी सोना-चांदी थोड़ा सस्ता हो सकता है। इससे मांग बढ़ने की उम्मीद है। कंपनियों की लागत घटेगी और उनका मार्जिन बेहतर होगा।

बुलियन मार्केट में भी आई रिकवरी

इस फैसले के आने से पहले गोल्ड और सिल्वर MCX लाल निशान में थे। लेकिन, इंपोर्ट प्राइस घटने की खबर के बाद करीब 1% तक चढ़ गए।

अंतरराष्ट्रीय मार्केट में भी कुछ इसी तरह का रुझान देखने को मिला। यहां सोना करीब 1.6% तक गिरा था, लेकिन फिर हरे निशान में 4,692 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड करता दिखा। सिल्वर भी लाल निशान से रिकवरी करके ग्रीन में आ गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिकवरी की वजह पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की खबरें हैं। अमेरिका, ईरान और अन्य देशों के बीच संभावित 45 दिन के युद्धविराम को लेकर बातचीत की खबरें आईं। इससे उम्मीद जगी कि तनाव कम हो सकता है।

ट्रंप की चेतावनी और तनाव

इससे पहले वीकेंड में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि अगर उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को नहीं खोला, तो गंभीर नतीजे होंगे। ईरान ने इस मांग को मानने से इनकार कर दिया।

इसके बाद ट्रंप ने कहा कि वह सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मुद्दे पर बात करेंगे। उन्होंने मंगलवार शाम तक की एक डेडलाइन का भी जिक्र किया, लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं दी।

पहले भी दिया गया था अल्टीमेटम

इससे पहले 26 मार्च को ट्रंप ने ईरान को 10 दिन का समय दिया था कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोले। यह डेडलाइन अब सोमवार शाम को खत्म हो रही है।

ईरान और अरब प्रायद्वीप के बीच स्थित यह अहम समुद्री रास्ता फरवरी के आखिर से जारी तनाव के चलते काफी हद तक बंद है। इसका असर ग्लोबल ट्रेड और कमोडिटी मार्केट पर भी पड़ रहा है।

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