Jio Platforms listing : Jio Platforms के शेयर बुधवार को एक्सचेंजों पर लिस्ट होने जा रहे हैं। कंपनी के 30,200 करोड़ रुपये के IPO के लिए निवेशकों की ओर से भारी मांग देखने को मिली थी। जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए हैं,उन्हें मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह है कि वे लंबी अवधि में वेल्थ क्रिएशन के लिए इन शेयरों को होल्ड करें। आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स में फंडामेंटल रिसर्च,इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के हेड नरेंद्र सोलंकी का कहना है कि भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में कंपनी की लीडिंग पोजीशन,मजबूत मुनाफा कमाने की क्षमता,स्केलेबल टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म और विकास की संभावनाएं इसके वैल्यूएशन को सपोर्ट कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI),एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड के क्षेत्र में मौजूद अवसर भी लॉन्ग टर्म ग्रोथ की संभावनाएं पेश करते हैं।
नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि फाइनल इश्यू प्राइस पर जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन इसके FY2026 के प्राइस-टू-अर्निंग्स रेशियो का 34.3 गुना और एंटरप्राइज वैल्यू-टू-EBITDA रेशियो का 14.8 गुना है। इसका मतलब है कि कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये है।
उन्होंने आगे कहा कि लिस्टिंग के बाद निवेशक लंबे समय के नजरिए से इन शेयरों को होल्ड कर सकते हैं। भारत के मोबाइल ब्रॉडबैंड बाजार में कंपनी की स्थिति काफी मजबूत है। इसके 533.3 मिलियन ग्राहक हैं और वायरलेस ब्रॉडबैंड बाजार में इसकी हिस्सेदारी लगभग 49.8 प्रतिशत है। इसके प्रोप्रायटरी टेक्नोलॉजी स्टैक, व्यापक डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और मजबूत ब्रांड फ्रेंचाइजी से इसे प्रतिस्पर्धीयों पर अच्छी बढ़त दी है और बाजार में बड़ा एंट्री बैरियर खड़ा कर दिया है।
हालांकि,उन्होंने यह भी कहा कि टेलीकम्युनिकेशन रेग्युलेशन, स्पेक्ट्रम की जरूरतें, तकनीकी बदलाव और साइबर सुरक्षा के खतरे मुख्य चिंताएं बनी हुई हैं।
सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस इकाई का यह पब्लिक इश्यू खुलने के 100 मिनट के भीतर ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। यह भारतीय इतिहास का सबसे तेजी से पूरी तरह सब्सक्राइब होने वाला पब्लिक इश्यू बन गया है। 5,500 करोड़ रुपये मूल्य का 'क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स'(QIB) हिस्सा पहले 10 मिनट के भीतर ही पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया था। बोली बंद होने तक IPO को 22.2 गुना सब्सक्राइब किया गया। पब्लिक इश्यू और एंकर प्लेसमेंट को मिलाकर कुल मांग 7.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की रही।
कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज में रिसर्च और बिजनेस डेवलपमेंट के महेश एम.ओझा ने कहा कि जियो प्लेटफॉर्म्स के अपने टेक्नोलॉजी स्टैक (जिसे 7,220 पेटेंट आवेदनों का सपोर्ट है) ने कंपनी को थर्ड-पार्टी वेंडर फीस से बचने में मदद की है और 51.91 प्रतिशत का EBITDA मार्जिन बनाए रखने में सहयोग दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी की कैपिटल एलोकेशन रणनीति ने वित्त वर्ष 2026 में नेट लीवरेज को घटाकर 0.36 गुना कर दिया है,जो भारी बुनियादी ढांचा खर्च से हटकर अधिक फ्री कैश फ्लो उत्पन्न करने की ओर बदलाव को दर्शाता है। कंपनी की आगे की ग्रोथ टैरिफ में बढ़ोतरी,प्रति व्यक्ति डेटा खपत में बढ़त और जियोफाइबर (JioFiber) और जियोएयरफाइबर (JioAirFiber) जैसी फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सेवाओं के विस्तार पर निर्भर करेगी, क्योंकि इनकी प्रति उपयोगकर्ता औसत कमाई (ARPU) ज्यादा होती है।
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी की मजबूत कंपाउंडिंग क्षमता को देखते हुए इस शेयर में लंबे नजरिए से खरीदारी करने और होल्ड करने की रणनीति कारगर साबित होगी। लंबी अवधि में यह शेयर एक मजबूत वेल्थ क्रिएटर साबित होगा।
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