Jio Platforms Share Price: जियो के शेयर में 51% तक उछाल का दम! लिस्टिंग के दिन मोतीलाल ओसवाल ने दी BUY रेटिंग

Jio Platforms Share Price: लिस्टिंग के दिन मोतीलाल ओसवाल ने जियो प्लेटफॉर्म्स पर BUY रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की है। बेस केस में 1,350 रुपये का टारगेट 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस से 21% ऊपर है, जबकि बुल केस में 51% तक तेजी का अनुमान है। नोमुरा ने भी BUY रेटिंग दी है

अपडेटेड Oct 28, 2026 पर 10:15 AM
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मोतीलाल ओसवाल ने जियो के शेयर को लेकर कहा- बुल केस में 51% तक तेजी का अनुमान है.

Jio Platforms Share Price Target: शेयर बाजार में पहला कदम रखते ही जियो प्लेटफॉर्म्स पर ब्रोकरेज हाउस का भरोसा खुलकर सामने आ गया है। लिस्टिंग के दिन, बुधवार 28 अक्टूबर को मोतीलाल ओसवाल ने कंपनी पर कवरेज शुरू करते हुए BUY रेटिंग दी है। ब्रोकरेज ने बेस केस में 1,350 रुपये का प्राइस टारगेट रखा है, जो 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस से 21% ऊपर है। लेकिन असली चर्चा उसके बुल केस की है, जिसमें मोतीलाल ओसवाल को शेयर में 51% तक की तेजी की गुंजाइश दिख रही है।

दो बड़े ब्रोकरेज का दांव BUY पर

जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए लिस्टिंग का दिन दोहरी खुशखबरी लेकर आया है। मोतीलाल ओसवाल से पहले ब्रोकरेज नोमुरा भी इसी दिन कंपनी पर कवरेज शुरू कर चुकी है। यानी लिस्टिंग के दिन ही जियो को दूसरी इनिशिएशन मिल गई।


नोमुरा ने भी शेयर पर BUY रेटिंग दी है और 1,340 रुपये का प्राइस टारगेट रखा है। 1,119 रुपये के इश्यू प्राइस के हिसाब से देखें तो यह टारगेट 19.75% की तेजी दिखाता है। दिलचस्प यह है कि दोनों ब्रोकरेज के टारगेट में सिर्फ 10 रुपये का फर्क है। मोतीलाल ओसवाल 1,350 रुपये पर है और नोमुरा 1,340 रुपये पर। दो अलग-अलग ब्रोकरेज, अलग-अलग टीम, लेकिन शेयर को लेकर नजरिया करीब-करीब एक ही जगह आकर रुकता है।

JIO IPO की रिकॉर्ड तोड़ मांग

इस भरोसे की नींव IPO के दौरान ही पड़ गई थी। जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms Share Price) का IPO भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO है। 30,213 करोड़ रुपये के इस इश्यू को 7.4 लाख करोड़ रुपये की रिकॉर्ड मांग मिली। इसमें एंकर निवेशकों और पब्लिक निवेशकों, दोनों की बोलियां शामिल हैं। मतलब, कंपनी जितना पैसा जुटाना चाहती थी, उससे कई गुना ज्यादा रकम लेकर निवेशक लाइन में खड़े थे।

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डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में छिपी अगली ग्रोथ

ज्यादातर लोग जियो को मोबाइल सिम और इंटरनेट कनेक्शन वाली कंपनी के तौर पर जानते हैं। लेकिन मोतीलाल ओसवाल की नजर इससे आगे की कहानी पर है। ब्रोकरेज ने अपने नोट में लिखा है कि कनेक्टिविटी बिजनेस से आगे कंपनी की ग्रोथ का अगला दौर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को बड़ा करने से आएगा।

इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में क्लाउड, एंटरप्राइज कम्युनिकेशंस, IoT और मैनेज्ड सर्विसेज शामिल हैं। इसके साथ ही कंपनी की 5G/UBR टेक्नोलॉजी के लिए इंटरनेशनल टाई-अप भी इस कड़ी का हिस्सा हैं। यानी जियो अब सिर्फ नेटवर्क देने वाली कंपनी नहीं रहना चाहती, बल्कि कारोबारों को टेक्नोलॉजी देने वाली कंपनी के रूप में भी अपना दायरा बढ़ा रही है।

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FY2026 से FY2029 तक कितनी तेजी से बढ़ेगी कमाई

मोतीलाल ओसवाल ने अगले कुछ साल की कमाई का पूरा खाका भी खींचा है। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि FY2026 से FY2029 के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स का रेवेन्यू 14% की CAGR से बढ़ेगा। इसी दौरान रिपोर्टेड EBITDA 15% की CAGR से और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स यानी PAT 20% की CAGR से बढ़ने का अनुमान है। गौर करने वाली बात है कि मुनाफा रेवेन्यू से भी तेज रफ्तार से बढ़ता दिख रहा है।

इस ग्रोथ के पीछे ब्रोकरेज ने चार बड़ी वजहें बताई हैं। पहली, नए ग्राहकों का मजबूती से जुड़ना। दूसरी, मार्च 2027 से करीब 15% की टैरिफ बढ़ोतरी का असर कमाई में दिखना। तीसरी, होम ब्रॉडबैंड यानी HBB के ग्राहकों की संख्या में लगातार तेज होती बढ़त। और चौथी, डिजिटल प्लेटफॉर्म वाली सर्विसेज का बड़ा होना। ये चारों पहिए मिलकर कंपनी की कमाई की गाड़ी को आगे खींचेंगे, ऐसा ब्रोकरेज का मानना है।

1.46 लाख करोड़ का फ्री कैश फ्लो, FY2029 तक नेट कैश

किसी भी टेलीकॉम कंपनी के लिए नेटवर्क पर होने वाला खर्च सबसे भारी बोझ होता है। लेकिन मोतीलाल ओसवाल को जियो के मामले में तस्वीर बदलती दिख रही है। ब्रोकरेज के नोट के मुताबिक, बढ़ता मुनाफा और एक दायरे में बना रहने वाला कैपेक्स, यानी पूंजीगत खर्च, FY2026 से FY2029 के बीच कंपनी को कुल 1.46 लाख करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो दिला सकता है।

इतना बड़ा कैश फ्लो कंपनी की बैलेंस शीट को भी मजबूत करेगा। मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि इसके दम पर जियो प्लेटफॉर्म्स FY2029 तक नेट कैश पोजिशन में पहुंच सकती है। आसान शब्दों में, तब कंपनी के पास मौजूद कैश उसके कर्ज से ज्यादा होगा।

भारती एयरटेल से तुलना पर क्या बोला ब्रोकरेज

टेलीकॉम सेक्टर में जियो की सबसे सीधी तुलना भारती एयरटेल से होती है और मोतीलाल ओसवाल ने भी यह तुलना की है। ब्रोकरेज ने अपने नोट में कहा, 'IPO प्राइस पर जियो प्लेटफॉर्म्स, भारती एयरटेल के इंडिया बिजनेस के हमारे अनुमानित वैल्यूएशन के बराबर ट्रेड करता है। हमारा मानना है कि मार्केट लीडरशिप, इंडस्ट्री टैरिफ पर ज्यादा प्रभाव और कम लिक्विडिटी के चलते जियो प्लेटफॉर्म्स नियर टर्म में भारती एयरटेल के इंडिया बिजनेस के मुकाबले प्रीमियम पर ट्रेड कर सकता है।'

यानी ब्रोकरेज के हिसाब से अभी जियो अपने सबसे बड़े मुकाबलेबाज के बराबर भाव पर मिल रहा है, लेकिन आने वाले समय में बाजार इसके लिए ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार हो सकता है।

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बुल केस में कहां तक जा सकता है शेयर?

अब बात उस 51% वाली तेजी की, जिसने सबका ध्यान खींचा है। यह मोतीलाल ओसवाल का बुल केस है, यानी वह स्थिति जब सब कुछ कंपनी के पक्ष में और उम्मीद से बेहतर चले।

इस बुल केस में ब्रोकरेज को FY2026 से FY2029 के बीच जियो का रेवेन्यू 16% की CAGR से बढ़ने की उम्मीद है, जबकि बेस केस में यह अनुमान 14% का है। नोट के मुताबिक, इस तेज ग्रोथ के पीछे इसी अवधि में ब्लेंडेड ARPU की करीब 8% CAGR और होम ब्रॉडबैंड में ज्यादा ग्राहकों का जुड़ना अहम वजह होगी। ARPU का बढ़ना मतलब हर ग्राहक से कंपनी की कमाई का बढ़ना।

मार्जिन के मोर्चे पर भी बुल केस की तस्वीर ज्यादा चमकदार है। FY2026 से FY2029 के बीच इंक्रीमेंटल मार्जिन करीब 67% रहने का अनुमान है, जो बेस केस में 64% है। साथ ही नॉन-जियो बिजनेस में ज्यादा मार्जिन की भी उम्मीद है। तेज रेवेन्यू ग्रोथ और बेहतर मार्जिन मिलकर इस दौरान रिपोर्टेड EBITDA को 18.5% की CAGR से बढ़ा सकते हैं, जबकि बेस केस में यह 15% है।

वैल्यूएशन में भी बुल केस और बेस केस का फर्क साफ दिखता है। बुल केस में मोतीलाल ओसवाल ने FY2029 की अनुमानित कमाई पर 13 गुना EV/EBITDA मल्टीपल लगाया है, जबकि बेस केस में यह मल्टीपल 11.5 गुना रखा गया है। ज्यादा कमाई और उस पर ज्यादा मल्टीपल, यही वह जोड़ है जो बुल केस में शेयर के लिए 51% तक की तेजी का रास्ता खोलता है।

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