Jio Platforms Listing: रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms के शेयर बुधवार को बाजार में लिस्ट होने वाले हैं। कंपनी के ₹30,200 करोड़ के IPO को निवेशकों का शानदार रिस्पॉन्स मिला था। अब बाजार के जानकारों ने शेयर अलॉट होने वाले निवेशकों को इन्हें लंबे समय तक होल्ड करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि कंपनी में आगे ग्रोथ की अच्छी संभावना है।
₹10.3 लाख करोड़ का वैल्यूएशन
आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के फंडामेंटल रिसर्च प्रमुख नरेंद्र सोलंकी ने कहा कि भारत के डिजिटल बाजार में Jio Platforms की मजबूत पकड़ है। कंपनी की कमाई भी अच्छी है। उसका टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बड़े स्तर पर कारोबार बढ़ाने में मदद करता है। AI, एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में भी कंपनी के पास ग्रोथ के मौके हैं।
सोलंकी के मुताबिक, IPO की अंतिम कीमत पर कंपनी का वैल्यूएशन FY2026 की कमाई के मुकाबले 34.3 गुना P/E और 14.8 गुना EV/EBITDA है। इस आधार पर कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹10.3 लाख करोड़ बैठता है।
7,220 पेटेंट आवेदन से टेक्नोलॉजी में बढ़त
कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के रिसर्च और बिजनेस डेवलपमेंट वाइस प्रेसिडेंट महेश एम. ओझा ने कहा कि Jio Platforms की अपनी टेक्नोलॉजी है। कंपनी ने 7,220 पेटेंट आवेदन किए हैं। इससे उसे दूसरी कंपनियों की टेक्नोलॉजी पर निर्भरता और उससे जुड़ा खर्च कम रखने में मदद मिलती है। कंपनी का EBITDA मार्जिन 51.91% रहा।
ओझा के मुताबिक, कंपनी ने अपना कर्ज भी कम किया है। FY2026 में उसका नेट लेवरेज घटकर 0.36 गुना रह गया। अब कंपनी का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च करने के बजाय ज्यादा फ्री कैश फ्लो बनाने पर है।
टैरिफ और ब्रॉडबैंड से बढ़ सकती है कमाई
ओझा ने कहा कि टेलीकॉम टैरिफ बढ़ने, डेटा का इस्तेमाल बढ़ने और JioFiber-JioAirFiber जैसी सेवाओं के विस्तार से कंपनी को फायदा मिल सकता है। इन सेवाओं से प्रति ग्राहक औसत रेवेन्यू (ARPU) बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने लंबी अवधि के निवेशकों को शेयर होल्ड करने की सलाह दी। Jio Platforms की लिस्टिंग से रिलायंस ग्रुप की कुल मार्केट वैल्यू भी बढ़ सकती है। इससे वह भारत का सबसे बड़ा लिस्टेड कारोबारी समूह बन सकता है।
वायरलेस ब्रॉडबैंड बाजार में मजबूत पकड़
Jio Platforms के पास 53.33 करोड़ मोबाइल ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं। भारत के वायरलेस ब्रॉडबैंड बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 49.8% है। उसकी अपनी टेक्नोलॉजी, बड़ा नेटवर्क और मजबूत ब्रांड उसे दूसरी कंपनियों से आगे रखते हैं।
हालांकि, कंपनी के सामने कुछ जोखिम भी हैं। टेलीकॉम नियमों में बदलाव, स्पेक्ट्रम की जरूरत, नई टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां उसके कारोबार को प्रभावित कर सकती हैं।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।