इंडियन स्टॉक मार्केट्स ने 23 सितंबर को तेजी के नए रिकॉर्ड बनाए। बीएसई का सेंसेक्स और एनएसई के निफ्टी नई ऊंचाई पर बंद हुए। इस तेजी से एक तरफ निवेशक खुश हैं, लेकिन दूसरी तरफ उन्हें हाई वैल्यूएशन की चिंता है। खासकर उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि अभी कहां निवेश करने पर मोटी कमाई हो सकती है। इस सवाल का जवाब जानने के लिए मनीकंट्रोल ने जूलियस बेयर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर उनमेश कुलकर्णी से बातचीत की। उनसे इंडिया में इंटरेस्ट रेट में कमी की संभावनाओं के बारे में भी पूछा। कुलकर्णी को वेल्थ मैनेजमेंट इंडस्ट्री का 20 साल से ज्यादा का अनुभव है।
BFSI सेक्टर में निवेश के मौके
कुलकर्णी ने कहा कि अभी एक सेक्टर है, जिसमें हमें वैल्यूएशन के लिहाज से निवेश का मौका दिख रहा है। वह है बैंकिंग, फाइनेंशिल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI)। अभी यह हमारा पंसदीदा सेक्टर है। नेट इंटरेस्ट मार्जिन पर दबाव की वजह से इस सेक्टर का प्रदर्शन दूसरे सेक्टर के मुकाबले कमजोर रहा है। लेकिन, अच्छी क्रेडिट ग्रोथ, एसेट क्वालिटी में इम्प्रूवमेंट और सही वैल्यूएशन को देखते हुए इस सेक्टर में निवेश किया जा सकता है। बीएफएसआई के बाद कंजम्प्शन और ऑटो में भी मौके हैं। ग्रामीण इलाकों में डिमांड में रिकवरी दिख रही है। लोगों की इनकम बढ़ रही है। इसका लाभ इन सेक्टर को मिलेगा। मध्यम से लंबी अवधि के लिहाज से हेल्थकेयर स्पेस में भी निवेश की गुंजाइश है।
दिसंबर से इंटरेस्ट रेट में कमी शुरू होने की उम्मीद
इंडिया में इंटरेस्ट रेट में कमी की संभावनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि आरबीआई इंटरेस्ट रेट में करेगा। उम्मीद है कि वह इस साल दिसंबर या अगले साल फरवरी से इंटरेस्ट रेट में कमी करना शुरू करेगा। लेकिन, इंडिया में इंटरेस्ट रेट में धीरे-धीरे कमी देखने को मिलेगा। यह अमेरिका जैसी आक्राम कमी नहीं होगी। इसकी वजह यह है कि इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ अच्छी है। इसका प्रदर्शन कई उभरते देशों की इकोनॉमी से अच्छा रहा है। इंडिया में इनफ्लेशन नियंत्रण में हैं। जीएसटी क्लेक्शन में अच्छी ग्रोथ दिख रही है। शहरी इलाकों में कंजम्प्शन बढ़ रहा है। मानसून की अच्छी बारिश से ग्रामीण इलाकों में भी मांग बढ़ने की उम्मीद है।
मध्यम अवधि में इंडियन मार्केट का आउटलुक बेहतर
इंडियन स्टॉक मार्केट्स का प्रदर्शन आगे कैसा रहेगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि मध्यम अवधि के लिहाज से हमारी सोच इंडियन मार्केट को लेकर पॉजिटिव है। विदेशी निवेशकों की तरफ से कम निवेश के बावजूद मार्केट में अच्छी तेजी देखने को मिली है। इसमें अच्छी लिक्विडिटी और कंपनियों की अर्निंग्स में अच्छी ग्रोथ का हाथ है। निवेशक सीधे शेयरों में पैसे लगा रहे हैं। इसके अलावा म्यूचुअल फंड्स, पीएमएस और AIF स्कीमों के जरिए भी मार्केट में निवेश आ रहा है।
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ये चीजें बिगाड़ सकती हैं खेल
उन्होंने कहा कि हालांकि, कुछ बातों पर नजर रखने की जरूरत है। कॉर्पोरेट अर्निंग्स में आगे सुस्ती देखने को मिल सकती है। इसका असर निफ्टी पर पड़ेगा। हाई वैल्यूएशन को लेकर भी चिंता है। ग्लोबल मार्केट में कमजोरी का असर इंडियन मार्केट्स पर भी पड़ सकता है। हालांकि, घरेलू निवेश अच्छा रहने से मार्केट को सपोर्ट मिलेगा। यह तेज गिरावट की स्थिति में बाजार को सहारा देगा।