Juniper Green Energy IPO Listing: रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाली जुनिपर ग्रीन एनर्जी के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 8 गुना से अधिक बोली मिली थी लेकिन खुदरा निवेशकों का आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। इसके आईपीओ के तहत ₹225 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹242.00 और NSE पर ₹245.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 9% का लिस्टिंग गेन (Juniper Green Energy Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में हल्की फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹740.00 (Juniper Green Energy Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 6.67% मुनाफे में हैं। एंप्लॉयीज अधिक फायदे में हैं क्योंकि उन्हें हर शेयर ₹21 के डिस्काउंट पर मिला है।
Juniper Green Energy IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
जुनिपर ग्रीन एनर्जी का ₹1800 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 जुलाई से 3 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 8.38 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 26.22 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1.92 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.98 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 3.79 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 8,00,09,150 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹ 683.24 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹728.69 करोड़ सब्सिडियरीज का कर्ज हल्का करने के लिए उनमें निवेश और बाकी पैसे इश्यू से जुड़े खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Juniper Green Energy के बारे में
जुनिपर ग्रीन एनर्जी देश की सबसे बड़ी IPPs (इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स) में शुमार है। यह बड़े पैमाने पर रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को डेवलप करने, बनाने, चलाने और उनका रखरखाव करने का काम करती है। यह कंपनी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के साथ सोलर, विंड, विंड-सोलर हाइब्रिड (WSH) और फर्म एंड डिस्पैचेबल रिन्यूएबल एनर्जी (FDRE) प्रोजेक्ट्स डेवलप करती है तो सरकारी कंपनियों के साथ लॉन्ग टर्म की PPAs (पावर पर्चेज एग्रीमेंट्स) के जरिए यह रेवेन्यू कमाती है। जून 2026 तक कंपनी का कुल रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो 7,910.20 MW (10,247.06 MWp) था, जिसमें ऑपरेशनल, अंडर-कंस्ट्रक्शन, कॉन्ट्रैक्टेड और अवार्डेड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। कुल क्षमता के हिसाब से यह देश की 10 सबसे बड़ी रिन्यूएबल आईपीपी में शुमार हो गई है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2024 में इसे ₹40.06 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल हुआ था जोकि अगले वित्त वर्ष 2025 में घटकर ₹36.48 करोड़ रह गया जिससे रिकवर होकर वित्त वर्ष 2026 में यह ₹40.46 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में लगातार बढ़ोतरी दिखी और वित्त वर्ष 2024-26 में यह सालाना 37% से अधिक की रफ्तार यानी सीएजीआर से ₹804.93 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹12,920.54 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹2,934.89 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।