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Jewellery Stocks: 9 दिन में 25% फीकी पड़ी पोर्टफोलियो की चमक, आपके भी पास है यह फिसलता शेयर?

Jewellery Stocks: यहां एक ऐसे ज्वैलरी स्टॉक की डिटेल दी जा रही है, जिसने महज 9 कारोबारी दिनों में निवेशकों की 25% से अधिक पूंजी डुबो दी। खास बात ये है कि करीब डेढ़ साल पहले प्रमोटर्स ने जिस भाव पर शेयर खरीदे थे, उससे भी यह काफी नीचे आ चुका है। चेक करें कि क्या यह स्टॉक आपके भी पोर्टफोलियो की चमक फीकी कर रहा है और इसका टारगेट प्राइस क्या है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 21, 2026 पर 4:08 PM
Jewellery Stocks: 9 दिन में 25% फीकी पड़ी पोर्टफोलियो की चमक, आपके भी पास है यह फिसलता शेयर?
दिसंबर 2025 तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से Kalyan Jewellers में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 62.85% है।

Kalyan Jewellers Share Price: सोने-चांदी के गहने बेचने वाली दिग्गज कंपनी कल्याण ज्वैलर्स के शेयरों में बिकवाली का ऐसा दबाव बना हुआ है कि टूटकर आज यह एक साल के निचले स्तर पर आ गया। लगातार नवें कारोबारी दिन आज यह कमजोर हुआ है। इन नौ दिनों में आज के इंट्रा-डे के निचले स्तर के हिसाब से यह 25% से अधिक टूट चुका है। इसमें से 13% से अधिक की गिरावट तो इसके शेयरों में आज आई है। वैसे यह नया साल ही कल्याण ज्वैलर्स के शेयरों को खास भा नहीं रहा है क्योंकि इस साल अब तक के 14 कारोबारी दिनों में यह महज तीन ही दिन ग्रीन जोन में बंद हुआ था।

आज बीएसई पर यह 12.12% की गिरावट के साथ यह ₹396.85 के भाव पर बंद हुआ है। वहीं इंट्रा-डे में बात करें तो आज यह 13.64% फिसलकर ₹390.00 तक आ गया था। बता दें कि करीब डेढ़ साल पहले कंपनी के प्रमोटर्स ने वारबर्ग पिनकस से अगस्त 2024 में 2.36% होल्डिंग के बराबर शेयरों की खरीदारी प्रति शेयर ₹535 के भाव पर की थी जोकि मौजूदा लेवल से काफी अपसाइड है।

Kalyan Jewellers में डगमगा रहा म्यूचुअल फंड्स का भरोसा भी?

कल्याण ज्वैलर्स के शेयरों की गिरावट के बीच एक और खास बात सामने आ रही है कि इसमें म्यूचुअल फंड्स जैसे संस्थागत निवेशकों की हिस्सेदारी घट रही है और खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ रही है। सुंदरम मिडकैप म्यूचुअल फंड का नाम तो अब शेयरहोल्डिंग पैटर्न में दिख ही नहीं रहा है, जबकि दिसंबर 2024 में इसकी हिस्सेदारी 1.02% थी। इसका मतलब या तो यह है कि अब इसकी हिस्सेदारी कंपपी में 1% से कम हो गई है या फिर फंड ने पूरी तरह से अपना हिस्सा बेच दिया है। सिंगापुर सरकार की भी हिस्सेदारी कंपनी में पिछले एक साल में 2.01% से घटकर 1.75% रह गई है।

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