करमतारा इंजीनियरिंग के शेयरों की 17 सितंबर को शेयर बाजार में लिस्टिंग शानदार रही। शेयर बीएसई और एनएसई पर करीब 26 प्रतिशत प्रीमियम के साथ ₹320 पर लिस्ट हुआ। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस ₹254 प्रति शेयर था। कंपनी का ₹875 करोड़ का IPO 11 सितंबर को बंद हुआ था। इसे कुल 66.01 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 168.19 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 51.17 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 13.98 गुना सब्सक्राइब हुआ।
करमतारा इंजीनियरिंग लिमिटेड रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन लाइंस के लिए प्रोडक्ट बनाती है। कंपनी कई तरह के प्रोडक्ट्स की पेशकश करती है। यह सोलर स्ट्रक्चर (फिक्स्ड-टिल्ट और ट्रैकर); सोलर एनर्जी और ट्रांसमिशन सेक्टर के लिए फास्टनर; और ओवरहेड ट्रांसमिशन लाइन हार्डवेयर फिटिंग्स के लिए वन-स्टॉप शॉप के तौर पर काम करती है। कंपनी विंड टर्बाइन के लिए ट्यूबलर टावर बनाने की मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के साथ विंड एनर्जी सेक्टर में भी कदम रख रही है।
करमतारा इंजीनियरिंग उत्तरी अमेरिका, यूरोप, एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और लैटिन अमेरिका के 50 से ज्यादा देशों को एक्सपोर्ट भी करती है। कंपनी के प्रमोटर तनवीर सिंह, राजीव सिंह, इंद्रजीत सिंह, इंद्रजीत तनवीर सिंह ट्रस्ट और इंद्रजीत राजीव सिंह ट्रस्ट हैं।
Karamtara Engineering की वित्तीय सेहत
वित्त वर्ष 2025-26 में करमतारा इंजीनियरिंग का रेवेन्यू 36 प्रतिशत बढ़कर ₹4,316.36 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 64 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹228.75 करोड़ हो गया। इस बीच कंपनी पर ₹1,030.13 करोड़ की उधारी थी। एक साल पहले रेवेन्यू ₹3,165.36 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹139.33 करोड़ था।
IPO के पैसे कैसे होंगे इस्तेमाल
कंपनी IPO में नए शेयर जारी कर होने वाली कमाई का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। कंपनी ने IPO की ओपनिंग से पहले एंकर इनवेस्टर्स से ₹262.50 करोड़ जुटाए।
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