कोटक एएमसी के नीलेश शाह की तीन पसंदीदा थीम, इनमें नियर टर्म में हो सकती है जोरदार कमाई

नीलेश शाह ने कहा कि चौथी तिमाही में बैंकिंग जैसे सेक्टर के मुनाफे में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। जबकि खपत से जुड़ी कंपनियों के नतीजों ने निराश किया है। नीलेश शाह का मानना है आगे बाजार का रुझान सेक्टर और कंपनी विशेष पर आधारित होगा। आईटी, फार्मा और खपत वाले सेक्टर ग्लोबल और लोकल दोनों स्थितियों से प्रभावित हो सकते हैं। हायर बेस के चलते अब बैंकिंग सेक्टर की ग्रोथ कुछ हल्की पड़ सकती है

अपडेटेड May 26, 2023 पर 2:55 PM
नीलेश शाह ने कहा इस बजट में सरकार ने अगले चुनाव से पहले विकास को गति देने के लिए 10 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसका फायदा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों को मिलेगा

कोटक एएमसी (Kotak AMC) के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह (Nilesh Shah) की मार्च तिमाही के नतीजों पर मिली-जुली राय है। नीलेश बैंकिंग सेक्टर के मुनाफे से खुश हैं लेकिन उनका मानना है कि खपत से जुड़े सेक्टर पर दबाव बना हुआ है। 25 मई को सीएनबीसी-टीवी18 को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने चौथी तिमाही के नतीजों पर अपनी राय साझा करते हुए उन शेयरों पर सेक्टरों के बारे में बात की जिनमें उनको आगे अच्छी ग्रोथ दिखने की संभावना नजर आ रही है।

आईटी, फार्मा और खपत वाले शेयर ग्लोबल और लोकल दोनों फैक्टर से होंगे प्रभावित

चौथी तिमाही के नतीजों और वर्तमान वित्त वर्ष के आउटलुक पर बात करते हुए नीलेश शाह ने कहा कि चौथी तिमाही में बैंकिंग जैसे सेक्टर के मुनाफे में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। जबकि खपत से जुड़ी कंपनियों के नतीजों ने निराश किया है। नीलेश शाह का मानना है आगे बाजार का रुझान सेक्टर और कंपनी विशेष पर आधारित होगा। आईटी, फार्मा और खपत वाले सेक्टर ग्लोबल और लोकल दोनों स्थितियों से प्रभावित हो सकते हैं। हायर बेस के चलते अब बैंकिंग सेक्टर की ग्रोथ कुछ हल्की पड़ सकती है। हालांकि सेक्टर की ओवरऑल ग्रोथ अभी भी अच्छी बनी रहेगी।। ध्यान रखने की बात ये है कि इस वित्तीय वर्ष में पहली बार भारतीय उद्योग जगत का कुल मुनाफा 10 लाख करोड़ को पार कर गया है। ये अपने में काफी बड़ी बात है।


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खुदरा निवेशकों दिखाई काफी परिपक्वता

क्या मई में इक्विटी म्युचुअल फंडों में निवेश बढ़ा है? इस सवाल का जवाब देते हुए नीलेश शाह ने कहा कि कुल मिलाकर देखें तो हाल के दिनों में खुदरा निवेशकों ने काफी परिपक्वता दिखाई है। ये देखने को मिला है कि जब-जब बाजार में गिरावट हुई एसआईपी सब्सक्रिप्शन बढ़ता दिखा है। इस अनुशासित दृष्टिकोण के चलते भारतीय बाजारों में तुलनात्मक रूप से कम वोलैटिलिटी रही है।

मैन्यूफैक्चरिंग,बैंकिंग और फाइनेंशियल, इंफ्रास्ट्रक्चर में आएगी तेजी

निवेश के नजरिए से आपके तीन सबसे ज्यादा पसंदीदा थीम कौम से हैं? इस पर नीलेश शाह ने कहा कि उनकी पहली थीम है मैन्यूफैक्चरिंग। ये थीम अब तेजी पकड़ती दिख रही है। चाइना + 1 रणनीति को लेकर कंपनियों और उनको प्रमोटरों का नजरिया काफी उत्साहजनक है। दूसरी थीम बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर है। इस सेक्टर में जोरदार ग्रोथ देखने को मिल रही है। इस सेक्टर की मार्जिन लगभग अब तक के उच्चतम स्तर पर है। वहीं, इनकी एनपीए अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। बैंकरों के लिए ये एक शानदार समय है।

नीलेश शाह ने इस बातचीत में आगे बताया कि उनकी तीसरी पसंदीदा थीम इंफ्रास्ट्रक्चर है। इस बजट में सरकार ने अगले चुनाव से पहले विकास को गति देने के लिए 10 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसका फायदा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि नीचे से फिर से गति पकड़ते बजार में इन तीन सेक्टरों में जोरदार ग्रोथ देखने को मिल सकती है।

 

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