ONGC share price: ऑयल एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन कंपनी ONGC के शेयरों में की मार्च तिमाही के नतीजों की घोषणा से पहले 26 मई को शुरुआती कारोबार में गिरावट देखने को मिली है। दोपहर 1:15 बजे के आसपास एनएसई पर ओएनजीसी के शेयर 1.85 रुपए यानी 1.11 फीसदी की गिरावट के साथ 164.15 रुपए पर दिख रहे थे। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज को मार्च तिमाही में ONGC के एबिटडा में तिमाही आधार पर 2 फीसदी की गिरावट की उम्मीद है। ब्रोकरेज हाउस का कहना कि इस अवधि में कंपनी तेल की बिक्री में तिमाही आधार पर लगभग 4 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। इसकी वजह से कंपनी के एबिटडा पर दबाव देखने को मिल सकता है। कोटक ने इस स्टॉक पर जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कच्चे तेल की कीमतों में आई 8 फीसदी की गिरावट की भरपाई विंडफॉल टैक्स में की गई कटौती से हो जायेगी।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि चौथी तिमाही में कंपनी द्वारा की जाने वाली कच्चे तेल की बिक्री में तिमाही आधार पर करीब 4 फीसदी की और सालाना आधार पर 12 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है। इस अवधि में कंपनी की कुल बिक्री 4.5 mmt रह सकती है। कोटक का अनुमान है कि चौथी तिमाही में कंपनी की नैचुरल गैस बिक्री में तिमाही आधार पर करीब 1 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है लेकिन सालाना आधार पर इसमें 1 फीसदी की बढ़त नजर आ सकती है। इस अवधि में कंपनी की गैस बिक्री 4.16 bcm रह सकती है।
प्राइस रियलाइजेशन में गिरावट की उम्मीद
कोटक का अनुमान है कि 31 मार्च 2022 को खत्म हुई चौथी तिमाही में ONGC की क्रूड की ग्रॉस बिक्री प्राइस (gross crude price realisation) तिमाही आधार पर 8 फीसदी की गिरावट के साथ 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहेगी। जबकि इस अवधि में क्रूड की नेट बिक्री प्राइस तिमाही आधार पर 1 फीसदी की गिरावट के साथ 53 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रह सकती है। बता दें कि नेट बिक्री प्राइस जानने के लिए क्रूड की ग्रॉस बिक्री प्राइस में से रायल्टी, बिंड फॉल टैक्स और सेस के घटा दिया जाता है।
नेट सेल्स में सालाना आधार पर 4 फीसदी बढ़त की उम्मीद
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक मार्च तिमाही में ओएनजीसी की नेट सेल्स सालाना आधार पर 4 फीसदी की बढ़त के साथ 35772.5 करोड़ रुपये पर पहुंच सकती है। लेकिन तिमाही आधार पर ओएनजीसी की नेट सेल्स में 7.3 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती। इसी तरह चौथी तिमाही में ओएनजीसी का कर बाद मुनाफा सालाना आधार पर 24 फीसदी की बढ़त के साथ 10957.9 करोड़ रुपये पर रहने की संभावना है।
समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी की प्रॉफिटैविलिटी (लाभप्रदता) में भी सालाना आधार पर 183 बेसिस प्वाइंट और तिमाही आधार पर 282 बेसिस प्वाइंट की बढ़त देखने को मिल सकती है और ये 55.7 फीसदी पर रह सकती है। बता दें 1 बेसिस प्वाइंट 1 फीसदी अंक का 100वां हिस्सा होता है।