लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज की 24 जून को BSE SME पर एंट्री हो गई। शेयर लिस्ट तो घाटे में हुआ लेकिन तुरंत ही हरे निशान में आ गया। शेयर ने 4 प्रतिशत से ज्यादा डिस्काउंट के साथ 22 रुपये पर शुरुआत की। IPO प्राइस 23 रुपये प्रति शेयर था। उसके बाद शेयर लिस्टिंग प्राइस से 5 प्रतिशत उछला और 23.10 रुपये के हाई तक गया।
कंपनी का 88.51 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू 17 जून को खुला था और 19 जून को बंद हुआ। इसमें 79.60 करोड़ रुपये के 3.46 करोड़ नए शेयर जारी हुए। साथ ही 8.91 करोड़ रुपये के 39 लाख शेयरों का ऑफर फॉर सेल रहा।
कंपनी का पब्लिक इश्यू 2.70 गुना भरा था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 20.32 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 5.10 गुना और रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 0.84 गुना सब्सक्राइब हुआ।
क्या करती है Leapfrog Engineering
लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग सर्विसेज के क्षेत्र में काम करती है और EPCC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, कंस्ट्रक्शन, और कमीशनिंग) सर्विसेज देती है। कंपनी ऑयल एंड गैस, फूड प्रोसेसिंग, फार्मास्यूटिकल्स और मेटल्स जैसे कई उद्योगों के लिए एंड-टू-एंड EPCC समाधान देती है। कंपनी के प्रमोटर प्रभाव नरसिम्हा राव और प्रियाशैला प्रभाव राव हैं।
कंपनी अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल हुए पैसों में से 27 करोड़ रुपये का इस्तेमाल असेंबलिंग यूनिट लगाने के लिए, 36.05 करोड़ रुपये का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल जरूरतों को पूरा करने के लिए और बाकी पैसों का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज की अप्रैल-दिसंबर 2025 अवधि के दौरान इनकम 105 करोड़ रुपये रही। शुद्ध मुनाफा 14.18 करोड़ रुपये रहा और EBITDA 20.18 करोड़ रुपये रहा। इस बीच कंपनी पर 32.22 करोड़ रुपये की उधारी थी। वित्त वर्ष 2025 के दौरान कंपनी का शुद्ध मुनाफा 16.22 करोड़ रुपये और इनकम 137.37 करोड़ रुपये थी।
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