जापान के सॉफ्टबैंक समूह ने चश्मा बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट सॉल्यूशंस में अपनी 3.25 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच दी है। इस दौरान 5,65,00,000 शेयर बेचे गए। यह बिक्री बुधवार को ओपन मार्केट ट्रांजेक्शन के जरिए 2,873 करोड़ रुपये में हुई। इस खबर से 4 जून को लेंसकार्ट के शेयर में 2 प्रतिशत तक की गिरावट दिखी। बीएसई पर शेयर 505.05 रुपये के लो तक गया। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर उपलब्ध थोक सौदों के आंकड़ों के अनुसार, सॉफ्टबैंक ने अपनी सहयोगी कंपनी एसवीएफ II लाइटबल्ब (केमैन) लिमिटेड के जरिए हिस्सेदारी बेची है। शेयर औसतन 508.55 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बेचे गए, जिससे डील की वैल्यू 2,873.30 करोड़ रुपये हो गई।
अब सॉफ्टबैंक की अपनी सहायक कंपनी के माध्यम से लेंसकार्ट में हिस्सेदारी 9.88 प्रतिशत है। पहले यह 13.13 प्रतिशत थी। सॉफ्टबैंक विजन फंड ने लेंसकार्ट में सबसे पहले साल 2019 में निवेश किया था। लेंसकार्ट को साल 2008 में पीयूष बंसल, अमित चौधरी, नेहा बंसल और सुमीत कपाही ने शुरू किया था।
कंपनी के IPO के आने से पहले सॉफ्टबैंक की एसवीएफ II लाइटबल्ब (केमैन) लिमिटेड के पास लेंसकार्ट में 15.3 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। आईपीओ में ऑफर फॉर सेल के तहत सॉफ्टबैंक ने भी शेयरों को बिक्री के लिए रखा था। लेंसकार्ट BSE और NSE पर 10 नवंबर 2025 को लिस्ट हुई थी। इसका IPO ₹7278.02 करोड़ का था।
Lenskart के शेयर बिके तो किसने खरीदे
सॉफ्टबैंक की ओर से की गई हिस्सेदारी बिक्री के तहत व्हाइटओक कैपिटल म्यूचुअल फंड (MF), मिरे एसेट MF, कोटक MF, केनरा रोबेको MF, ICICI प्रूडेंशियल MF, HDFC लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, ICICI प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस, सोसाइटी जेनरल, मेट्ज़लर एसेट मैनेजमेंट, गोल्डमैन सैक्स, फिडेलिटी, कॉप्थॉल मॉरीशस इनवेस्टमेंट, इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड, और डेंडाना इनवेस्टमेंट्स (मॉरीशस) लिमिटेड खरीदार रहे।
IPO प्राइस से कितना अप है शेयर
लेंसकार्ट का मार्केट कैप ₹89300 करोड़ से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू ₹2 है। शेयर अपने IPO प्राइस ₹402 से लगभग 28% की बढ़त पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी में मार्च 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 17.55% हिस्सेदारी थी। शेयर 6 महीनों में 27 प्रतिशत चढ़ा है। हाल ही में एलारा कैपिटल ने शेयर के लिए 'बाय' रेटिंग के साथ कवरेज शुरू किया था। टारगेट प्राइस 615 रुपये प्रति शेयर दिया था। ब्रोकरेज को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2029 के बीच कंपनी का रेवेन्यू 25% CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा। EBITDA 38% CAGR से बढ़ सकता है।
कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही के दौरान शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 7.5 प्रतिशत गिरकर 203.6 करोड़ रुपये पर आ गया। एक साल पहले मुनाफा 220.1 करोड़ रुपये था। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 45.62 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2,516 करोड़ रुपये हो गया। मार्च 2025 तिमाही में यह 1,728 करोड़ रुपये था।
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।