लेंसकार्ट के शेयर में 7 मई को बड़ी गिरावट दिखी। एक समय कंपनी का शेयर 4 फीसदी तक गिर गया था। हालांकि, बाद में शेयर कुछ हद तक संभलने में सफल रहा। शेयर में गिरावट की वजह यह खबर है कि कुछ इनवेस्टर्स ब्लॉक डील के जरिए कंपनी के शेयर बेच सकते हैं। इससे लेंसकार्ट के शेयरों पर दबाव बढ़ सकता है।
लिस्टिंग प्राइस से शेयर 21 फीसदी ऊपर
7 मई को कारोबार के दौरान एक समय लेंसकार्ट का शेयर 4.14 फीसदी तक गिर गया था। हालांकि, बाद में यह कुछ संभलने के बाद 2.16 फीसदी गिरकर 492 रुपये पर बंद हुआ। बीते 5 कारोबारी सत्र में यह शेयर करीब 7 फीसदी गिर चुका है। इसके बावजूद यह नवंबर 2025 के अपने लिस्टिंग प्राइस से करीब 21 फीसदी ऊपर है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 83,500 करोड़ रुपये है।
8 मई को खत्म हो रहा लॉक-इन पीरियड
सीएनबीसी आवाज ने कुछ सूत्रों के हवाले से बताया है कि लेंसकार्ट के शेयरों में ब्लॉक डील हो सकती है। दरअसल, लेंसकार्ट के आईपीओ में निवेश करने वाले एंकर इनवेस्टर्स का लॉक-इन पीरियड 8 मई को खत्म हो रहा है। इससे कंपनी के इनवेस्टर्स के लिए शेयर बेचने का रास्ता खुल जाएगा।
ये इनवेस्टर्स ब्लॉक डील में बेच सकते हैं शेयर्स
खबरों के मुताबिक, सॉफ्टबैक के सपोर्ट वाला SVF II Lightbulb (Cayman) और अबुधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी के सपोर्ट वाला प्लैटिनम जैस्मी ट्रस्ट लेंसकार्ट के शेयर बेच सकते हैं। इस खबर से लेंसकार्ट के शेयरों में बिकवाली बढ़ गई। इनवेस्टर्स को लगा कि ब्लॉकडील से कंपनी के शेयरों में गिरावट आ सकती है। ब्लॉक डील के बाद शेयरों का फ्री फ्लोट बढ़ जाएगा।
नवंबर में 2025 में आया था लेंसकार्ट का आईपीओ
लेंसकार्ट का शेयर नवंबर 2025 में लिस्ट होने के बाद से फोकस में रहा है। कंपनी के आईपीओ को इनवेस्टर्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। इसकी वजह न्यू-एज कंपनियों और कंज्यूमर प्लेटफॉर्म कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी थी। कंपनी का आईपीओ से आए पैसे का इस्तेमाल स्टोर्स की संख्या बढ़ाने, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और क्लाउड इंफ्रास्ट्रकचर पर खर्च करने का प्लान था।
दिसंबर तिमाही में कंपनी का बेहतर प्रदर्शन
पिछली तिमाहियों में कंपनी की ऑपरेशनल ग्रोथ अच्छी रही है। बीती दिसंबर तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन अच्छा रहा। कंपनी के रेवेन्यू में बड़ा उछाल दिखा।