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LG Electronics की ग्रीन शुरुआत, लिस्टिंग के 4 महीने बाद गोल्डमैन ने इस टारगेट प्राइस के साथ शुरू की कवरेज

LG Electronics Shares: एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया की वैश्विक ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की तो इसके शेयर आज बढ़त के साथ खुले। जानिए कि ब्रोकरेज फर्म इस पर बुलिश क्यों है, इसके शेयरों के लिए टारगेट प्राइस क्या है और कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 18, 2026 पर 4:16 PM
LG Electronics की ग्रीन शुरुआत, लिस्टिंग के 4 महीने बाद गोल्डमैन ने इस टारगेट प्राइस के साथ शुरू की कवरेज
LG Electronics के लिए चालू वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही कमजोर रही। दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 61.6% गिरकर ₹89.6 करोड़ तो रेवेन्यू 6.4% फिसलकर ₹4,114.3 करोड़ पर आ गया।

LG Electronics Shares: घरेलू स्टॉक मार्केट में लिस्टिंग के करीब चार महीने बाद वैश्विक ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) ने एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स की खरीदारी की रेटिंग के साथ कवरेज शुरू की तो निवेशक चहक उठे। हालांकि इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया तो भाव टूट गए और यह रेड जोन में आ गया जिससे इसने फिर रिकवरी की। आज बीएसई पर यह 0.55% की बढ़त के साथ ₹1559.70 (LG Electronics Share Price) पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 1.76% उछलकर ₹1578.45 तक पहुंच गया था। आगे की बात करें तो इसे कवर करने वाले ओवरऑल 21 एनालिस्ट्स में से सिर्फ दो ने ही बेचने की सलाह दी है और बाकी 19 ने खरीदारी की रेटिंग दी है।

LG Electronics India पर क्यों है ब्रोकरेज बुलिश?

वैश्विक ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन ने ₹1750 के टारगेट प्राइस के साथ एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स को खरीदारी की रेटिंग दी है। गोल्डमैन का मानना ​​है कि बढ़ती आय के साथ-साथ मिडिल और प्रीमियम सेगमेंट के प्रोडक्ट्स में बढ़ती पैठ के चलते कंपनी नियर से मीडियम टर्म इंडस्ट्री से तेज रफ्तार में बढ़ने के लिए अच्छी स्थिति में है। ब्रोकरेज फर्म ने अपनी रिपोर्ट में लगातार इनोवेशन पर आधारित प्रीमियमाइजेशन की स्ट्रैटेजी और पैरेंट कंपनी एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंक की ग्लोबल साउथ स्ट्रैटेजी का जिक्र किया जिससे निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है और भारत में मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार हो सकता है। हालांकि ब्रोकरेज फर्म ने सतर्क भी किया है कि बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कमोडिटी की ऊंची कीमतों से मार्जिन विस्तार सीमित रह सकता है।

कैसी है सेहत?

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