LIC IPO : पॉलिसीहोल्डर्स को डिस्काउंट पर मिल सकता है IPO, यहां जानिए डिटेल

दीपम सचिव तुहीन कांत पांडे ने कहा, पॉलिसीहोल्डर्स को कॉम्पीटिटिव बेसिस पर इश्यू के 10 फीसदी तक IPO कुछ डिस्काउंट पर ऑफर किए जा सकते हैं

अपडेटेड Feb 07, 2022 पर 2:23 PM
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एलआईसी का आईपीओ मार्च के अंत तक आने की उम्मीद है

LIC IPO : सरकार के स्वामित्व वाली लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) का बहुप्रतीक्षित IPO बिडिंग में भाग लेने वाले उसके पॉलिसीहोल्डर्स को डिस्काउंट पर मिल सकता है। यह जानकारी देते हुए डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक असेट मैनेजमेंट (दीपम) सचिव तुहीन कांत पांडे ने कहा कि  सरकार इस हफ्ते ड्राफ्ट रेड हेयरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) या ऑफर डॉक्युमेंट सेबी के पास जमा करने के लिए तैयार है।

कर्मचारियों के लिए भी कंसेशन

लाइवमिंट की एक रिपोर्ट में उन्होंने कहा, “रिटेल विंडो के तहत, इसमें कुछ रिजर्वेशन हैं। हमारे पास एक पॉलिसीहोल्डर्स विंडो भी है। हमने एलआईसी एक्ट (LIC Act) में प्रोविजन किया है कि पॉलिसीहोल्डर्स को कॉम्पीटिटिव बेसिस पर इश्यू के 10 फीसदी तक IPO कुछ डिस्काउंट पर ऑफर किए जा सकते हैं। कर्मचारियों के लिए भी कुछ रिजर्वेशन रहेगा।”


IPO के ट्रांजैक्शन एडवाइजर्स से जुड़े दो लोगों ने कहा, रिटेल इन्वेस्टर्स और कर्मचारियों के लिए भी कुछ कंसेशन की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन उन्होंने ज्यादा विवरण नहीं दिया। हालांकि, पांडे ने केवल एलआईसी पॉलिसीहोल्डर्स को डिस्काउंट की संभावना की पुष्टि की और निवेशकों की अन्य कैटेगरीज को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की।

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इश्यू का साइज 5% और 10% के बीच रहने की उम्मीद

एक सूत्र ने कहा, छोटे इनवेस्टर्स को छूट की पेशकश की जा सकती है क्योंकि सरकार LIC के IPO में आम आदमी की भागीदारी को बढ़ावा देना चाहती है। एडवाइजर्स को इशू का साइज 5% और 10% के बीच रहने की उम्मीद है।

पांडे ने कहा, डीआरएचपी (DRHP) से पता चलेगा कि सरकार IPO के जरिये LIC की कितनी हिस्सेदारी बेचेगी। उन्होंने कहा, “न्यूनतम 5 फीसदी हिस्सेदारी बेचे जाने का अनुमान है।”

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LIC IPO का विनिवेश आय से लेनादेना नहीं

उन्होंने कहा, 2021-22 के संशोधित अनुमान (आरई) में अपेक्षित विनिवेश आय में कमी का IPO के साइज और LIC के वैल्युएशन से कोई लेना-देना नहीं है, क्योंकि सरकार की विनिवेश प्राप्तियां आरई के आंकड़े को भी पार कर सकती हैं।"

1 फरवरी को पेश आम बजट में 2021-22 के लिए विनिवेश लक्ष्य को 1.75 लाख करोड़ रुपये से घटाकर 78,000 रुपये करोड़ कर दिया गया है। 2022-23 के लिए 65,000 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य (बीई) भी काफी कम है। पांडे ने कहा कि विनिवेश लक्ष्य और वास्तविक प्राप्तियों का अनुमान विभिन्न कारणों से अलग-अलग हो सकता है और इसका एलआईसी के IPO के आकार से संबंध नहीं होना चाहिए।

दीपम सचिव तुहीन कांत पांडे ने कहा, पॉलिसीहोल्डर्स को कॉम्पीटिटिव बेसिस पर इश्यू के 10 फीसदी तक IPO कुछ डिस्काउंट पर ऑफर किए जा सकते हैं

 

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