LIC Dividends: देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने वित्त वर्ष 2024 के लिए हर शेयर पर 6 रुपये का अंतिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इसके भुगतान की रिकॉर्ड डेट 19 जुलाई तय की गई है। यह LIC की ओर से शेयरधारकों को दिया जाने वाला अब तक का सबसे अधिक डिविडेंड भी है। पिछले साल, इसने प्रति शेयर 3 रुपये का अंतिम डिविडेंड दिया था। इस डिविडेंड का सबसे अधिक लाभ भारत सरकार को मिलेगा, जो LIC की सबसे बड़ी शेयरधारक है। भारत सरकार के पास LIC की 96.5% हिस्सेदारी है। ऐसे में उसे LIC से कुल 3,662 करोड़ रुपये का डिविडेंड मिलेगा।
LIC ने सोमवार देर शाम अपने मार्च तिमाही के नतीजे जारी करते हुए डिविडेंड का ऐलान किया था। कंपनी ने बताया कि मार्च तिमाही में उसका शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 2 फीसदी बढ़कर 13,763 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा 13,421 करोड़ रुपये था। पूरे वित्त वर्ष 2024 में LIC का शुद्ध मुनाफा 40,676 करोड़ रुपये रहा, जो इसके पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 36,397 करोड़ रुपये था।
वहीं एलआईसी की टोटल इनकम मार्च तिमाही में बढ़कर 2,50,923 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। चौथी तिमाही में, LIC के सालाना प्रीमियम इक्विवैलेंट (APE) में बढ़ोतरी हुई और यह 10.7% बढ़कर ₹21,180 करोड़ रहा।
LIC ने पिछले 5 सालों में कितना डिविडेंड दिया है और उससे भारत सरकार की कितनी कमाई हुई, इसे आप नीचे दिए टेबल में देख सकते हैं-
LIC का AUM 16.48 फीसदी बढ़ा
बीमा कंपनी ने इंडिविजुअल सेगमेंट में कुल 2.03 करोड़ पॉलिसियां बेचीं, जबकि FY23 में 2.04 करोड़ पॉलिसियां बेची गई थीं। एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) मार्च 2024 तक बढ़कर 51.21 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि 31 मार्च 2023 को यह 43.97 लाख करोड़ रुपये था, जो सालाना 16.48 फीसदी बढ़ा है। कंपनी का सॉल्वेंसी रेश्यो पिछले साल के 1.87 फीसदी के मुकाबले 1.98 फीसदी रहा।
NSE पर सुबह 11 बजे, एलआईसी के शेयर 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 1,033.90 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे। इस साल की शुरुआत से अबतक कंपनी के शेयरों में करीब 20.40 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं पिछले एक साल में इसके शेयरों का भाव करीब 70.75 फीसदी बढ़ा है।