LIC ने कहा है कि प्रॉफिट बढ़ाना कंपनी का मुख्य मकसद है। एलआईसी मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। कंपनी ने 25 मई को एनालिस्ट्स के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल में कहा कि उसने ज्यादा मार्जिन वाले कई प्रोडक्ट्स लॉन्च करने का प्लान बनाया है। कंपनी इन्हें प्रमोट करने पर जोर देगी। इंटरेस्ट रेट फेवरेबल होने पर नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स को मार्जिन के लिहाज से बेहतर माना जाता है। एलआईसी धीरे-धीरे अपने प्रोडक्ट मिक्स को डायवर्सिफाय करने की कोशिश कर रही है। वह अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़ाना चाहती है।
नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़ रही
फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में एलआईसी के इंडिविजुअल बिजनेस में नॉन-पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़कर 8.89 फीसदी पहुंच गई। एक साल पहले यह 7.12 फीसदी थी। हालांकि, कंपनी ने कहा कि पार्टिसिपेटिंग प्रोडक्ट्स उसकी ताकत है और वह इसके साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगी। एनुअलाइज्ड प्रीमियम इक्विवैलेंट (APE) बेसिस पर पार्टिसिपेटरी प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 91.11 फीसदी थी, जबकि नॉन-पार्टिसिपेटरी प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी 8.89 फीसदी थी।
प्रोडक्ट्स मिक्स में बदलाव पर कंपनी का फोकस
BOB Capital Markets की रिपोर्ट में पिछले महीने कहा गया था, "हमारा मानना है कि मिक्स में धीरे-धीरे बदलाव होने से VNB (वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस) मार्जिन 400 बेसिस प्वाइंट्स बढ़कर FY25 में 19 फीसदी पहुंच जाएगा। FY22 में यह 15.1 फीसदी था।"
मार्च तिमाही में प्रॉफिट कई गुना बढ़ा
एलआईसी ने 24 मई को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया था। इस दौरान कंपनी का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 13,427.8 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले 466 फीसदी ज्यादा था। कंपनी ने पिछले साल मार्च तिमाही में 2,371.5 करोड़ रुपये का प्रॉफिट कमाया था। तिमाही दर तिमाही आधार पर कंपनी का प्रॉफिट 112 फीसदी बढ़ा है।
शेयरहोल्डर्स फंड 272.41 अरब रुपये पहुंचा
खबरों के मुताबिक, नेट प्रॉफिट में कई गुना उछाल की वजह यह है कि कंपनी ने मुनाफा बढ़ाने के मकसद से करीब 7,300 करोड़ रुपये शेयरहोल्डर्स फंड में डाला है। एलआईसी ने कहा है कि उसने नॉन-पार्टिसिपेटिंग फंड से 7,298.9 करोड़ रुपये शेयरहोल्डर्स फंड में ट्रांसफर किया है। इससे 31 मार्च को खत्म फाइनेंशियल ईयर में शेयरहोल्डर्स फंड 272.41 अरब रुपये पहुंच गया है।
LIC के शेयरों में 25 मई को तेजी दिखी। कारोबार खत्म होने पर यह 1.62 फीसदी चढ़कर 603.55 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, अभी यह 949 रुपये के अपने इश्यू प्राइस के मुकाबले काफी नीचे है। कंपनी का आईपीओ पिछले साल आया था। करीब 21,000 रुपये का यह आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ है।