लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के शेयर में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को यह शेयर 3.15 फीसदी गिरकर 752.90 रुपये पर आ गया।इस दौरान निवेशकों को करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है। आइए 5 बिंदुओं में समझते हैं LIC के शेयर की पूरी कहानी:
1. मार्केट कैप 1.2 लाख करोड़ घटा
LIC देश का सबसे बड़ा आईपीओ लेकर आई थी और यह करीब 3 गुना तक सब्सक्राइब भी हुआ था। हालांकि इसके बावजूद LIC के शेयर अपने इश्यू प्राइस से कम पर लिस्ट हुए थे। इसके बाद से ही यह अभी तक अपने इश्यू प्राइस से ऊपर नहीं जा पाया है, जो निवेशकों के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है। मंगलवार को LIC का मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 4.79 लाख करोड़ पर आ गया, जो इसके 949 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये कम है। 949 रुपये के इश्यू प्राइस पर LIC का मार्केट कैपिटलाइजेशन 6 लाख करोड़ के करीब था।
भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते से काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, इसका भी असर एलआईसी के शेयरों पर पड़ा है। बढ़ती महंगाई और RBI की तरफ से 8 जून को रेपो रेट में बढ़ोतरी की संभावना को देखते हुए फिलहाल निवेशक शेयर बाजार में निवेश करने में सावधानी बरत रहे हैं।
3. सिर्फ 4 दिन हरे निशान में बंद हुए LIC के शेयर
एलआईसी के शेयर 17 मई को स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट हुए थे। इसके बाद से अभी तक सिर्फ 4 दिन ऐसे रहे हैं, जब एलआईसी के शेयर हरे निशान यानी बढ़त के साथ बंद हुए हैं। पिछले 6 दिनों में एलआईसी के शेयरों में लगातार गिरावट देखी जा रही है।
4. मार्च तिमाही में मुनाफा घटा
एलआईसी ने पिछले हफ्ते मार्च तिमाही के नतीजे जारी किए थे। कंपनी ने बताया कि मार्च 2022 तिमाही में उसका कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 17 फीसदी घटकर 2,410 करोड़ रुपये रहा। हालांकि इस दौरान LIC के नेट प्रीमियम में बढ़ोतरी हुई और यह 17.9 फीसदी बढ़कर 1.4 लाख करोड़ रुपये रहा।
5. इन्हें डिस्काउंट पर मिला था शेयर
एलआईसी ने अपने पॉलिसीहोल्डर को प्रति शेयर 60 रुपये और रिटेल निवेशकों व कर्मचारियों को प्रति शेयर 40 रुपये का डिस्काउंट दिया था। इस तरह एलआईसी के रिटेल निवेशकों और पॉलिसहोल्हर को क्रमश: 889 रुपये और 905 रुपये की कीमत पर एक शेयर मिले थे।