Stock Market : कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, ग्लोबल मार्केट में बिकवाली और आरबीआई के रेपो रेट में बढ़ोतरी की संभावनाओं के चलते शेयर बाजार में तगड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। मंगलवार की सुबह बाजार गिरावट के साथ खुले और दोपहर दो बजे तक बिकवाली का दबाव बना हुआ है। यह यहां बाजार में जारी कमजोरी की कुछ अहम वजह बता रहे हैं।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स दोपहर 2 बजे के आसपास 633 अंक कमजोर होकर 55,042 पर, वहीं निफ्टी 175 अंक गिरकर 16,395 अंक पर बना हुआ है। इंट्रा डे में सेंसेक्स में 700 अंक से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। इसके साथ ही दोपहर दो बजे तक इनवेस्टर्स के 2.56 लाख करोड़ रुपये बाजार में डूब गए और बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैप 253.84 लाख करोड़ रुपये रह गई है।
RBI policy meet : इनवेस्टर्स की आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी बैठक के नतीजों को लेकर सतर्क हैं। हालांकि एनालिस्ट्स ने कहा कि आरबीआई की ओर से रेपो रेट में बढ़ोतरी की उम्मीद है। देखना यह है कि कितनी बढ़ोतरी होती है। बाजार की नजर महंगाई पर आरबीआई के रुख पर भी रहेगी।
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट में जिओजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वी के विजयकुमार ने कहा, यदि दर में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी होती है तो भी बाजार पर कुछ खास असर नहीं होगा। बाजार पर इसका असर पहले ही हो चुका है।
क्रूड ऑयल में मजबूती से कई कंपनियों में बढ़त है तो कई में गिरावट देखने को मिल रही है। हालांकि, सऊदी अरब के एशियाई खरीदारों के लिए क्रूड की कीमतों में उम्मीद से ज्यादा बढ़ोतरी से चिंताएं बढ़ गई हैं। कीमत में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से सीधे मार्जिन और देश की वित्तीय सेहत पर असर पड़ता है।
न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर बेंचमार्क यूएस क्रूड 91 सेंट बढ़कर 119.41 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। वहीं लंदन में ब्रेंट क्रूड 87 सेंट मजबूत होकर 120.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
बाजार खुलने से पहले अमेरिकी शेयरों के फ्यूचर्स में गिरावट दिख रही है। नैस्डैक10 फ्यूचर्स में 1 फीसदी कमजोरी है, जिसका मतलब है कि ट्रेडर्स बाजार खुलने के बाद अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली की उम्मीद कर सकते हैं।
तकनीक रूप से निफ्टी50 (Nifty 50) के लिए 16400 का स्तर खासा अहम है। भले ही इंट्रा डे के दौरान यह स्तर टूट गया है, लेकिन इसके बाद खरीदारी आ सकती है क्योंकि तेजड़िए इस लेवल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। इससे नीचे बाजार निचला सपोर्ट लेवल खोजने की कोशिश करेगा।
इकोनॉमिक टाइम्स से बातचीत में एंजिल वन के चीफ एनालिस्ट- टेक्निकल और डेरिवेटिव्स समीत चव्हाण ने कहा, ऊपर की तरफ 16700-16800 पर तात्कालिक बाधा मिलनी चाहिए। वहीं नीचे की तरफ 16450 और उसके बाद 16400 पर सपोर्ट है। ट्रेडर्स को अपनी पोजिशन हल्की रखने की सलाह दी जाती है। साथ ही सपोर्ट के नजदीक खरीदारी की सलाह दी जाती है।