LIC का शेयर शुक्रवार को गिरकर 800 रुपये पर आ गया। यह LIC के आईपीओ में पैसे लगाने वाले पॉलिसीहोल्डर्स और रिटेल इनवेस्टर्स को निराश करने वाली खबर है। यह शेयर लिस्ट होने के बाद से लगातार गिरता रहा है। एलआईसी के पॉलिसीहोल्डर्स ने अच्छे प्रॉफिट की उम्मीद में इस आईपीओ में निवेश किया था। इनमें कई ऐसे इनवेस्टर्स हैं, जिन्होंने पहले कभी स्टॉक मार्केट में इनवेस्ट नहीं किया था। इस वजह से पॉलिसीहोल्डर्स का कोटा छह गुना सब्सक्राइब हुआ था।
एलआईसी देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। इसका आईपीओ 4 मई को खुला था। यह 9 मई को बंद हुआ था। कंपनी के शेयर BSE और NSE पर 17 मई को लिस्ट हुए थे। यह शेयर करीब 8 फीसदी डिस्काउंट के साथ लिस्ट हुआ था।
LIC ने इनवेस्टर्स को 949 रुपये प्रति शेयर के प्राइस पर शेयर अलॉट किए थे। उसने पॉलिसीहोल्डर्स, रिटेल इनवेस्टर्स और एंप्लॉयीज को डिस्काउंट दिया था। पॉलिसीहोल्डर्स को प्रति शेयर 60 रुपये का डिस्काउंट दिया था। रिटेल इनवेस्टर्स और एंप्लॉयीज को 45-45 रुपये का डिस्काउंट दिया था।
अगर 949 रुपये के इश्यू प्राइस की बात करें तो इनवेस्टर्स को इस शेयर में आई गिरावट की वजह से 15 फीसदी लॉस हो चुका है। पॉलिसीहोल्डर्स को यह शेयर 889 रुपये पर अलॉट किए गए थे। उन्हें अब तक करीब 10 फीसदी का लॉस हो चुका है। रिटले इनवेस्टर्स को यह शेयर 904 रुपये पर अलॉट हुए थे। उन्हें करीब 11 फीसदी का नुकसान हो चुका है।
एलआईसी के शेयर में आगे तेजी आ सकती है। लेकिन, तेजी के बावजूद इनवेस्टर्स को इस शेयर से मुनाफा कमाने का मौका नहीं मिलेगा। ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने एलआईसी के शेयरों को 'होल्ड' करने की सलाह निवेशकों को दी है। उसने इस शेयर के लिए 875 रुपये का टार्गेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि अगर यह शेयर टारगेट प्राइस तक पहुंच जाता है तो भी इनवेस्टर्स का लॉस खत्म होने वाला नहीं है।
इस हफ्ते की शुरुआत में LIC की बोर्ड मीटिंग के बाद कंपनी ने शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का ऐलान किया। उसने प्रति शेयर 1.5 रुपये का डिविडेंड का फैसला लिया है। यह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। उम्मीद थी कि एलआईसी अपने शेयरहोल्डर्स के जख्म पर मरहम लगाने के लिए अट्रैक्टिव डिविडेंड का ऐलान करेगी। लेकिन, उसने ऐसा नहीं किया।
सऊदी अरामको का आईपीओ 2019 में आया था। यह दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ था। लिस्टिंग के बाद कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स के लॉस को कम करने के लिए अट्रैक्टिव डिविडेंड का ऐलान किया था। लेकिन, LIC ने सोमवार को बहुत कम डिविडेंड का ऐलान कर इनवेस्टर्स को निराश कर दिया।