ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड के IPO निवेशकों को लिस्टिंग डे पर जबरदस्त गेन हुआ है। 3 सितंबर को शेयर BSE पर शेयर करीब 33 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 109 रुपये और NSE पर 34 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 110 रुपये पर लिस्ट हुआ। IPO के लिए फाइनल इश्यू प्राइस 82 रुपये था। ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड एक इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है। यह अपने प्रोडक्ट भारत की बड़ी EPC कंपनियों को सप्लाई करती है और इंटरनेशनल ग्राहकों को भी सेवाएं देती है।
इसका फोकस पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री के लिए कंडक्टर, पावर केबल, इलेक्ट्रिकल वायर और खास तरह के प्रोडक्ट बनाने और उनकी सप्लाई करने पर है। कंपनी ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन लाइनों में इस्तेमाल होने वाले हाई-टेंपरेचर लो-सैग (HTLS) कंडक्टर भी बनाती है।इसके मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में एल्युमीनियम कंडक्टर, पावर केबल और इलेक्ट्रिकल वायर शामिल हैं। वहीं EPC बिजनेस में पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, HTLS री-कंडक्टरिंग, EHV सबस्टेशन, सोलर पावर प्रोजेक्ट और वॉटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट शामिल हैं।
कंपनी का ₹700 करोड़ का IPO 124.02 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 232.79 गुना, नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 185.21 गुना, रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा 40.27 गुना और एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हिस्सा 12.37 गुना भरा था।
स्वास्तिका इन्वेस्टस्मार्ट में वेल्थ हेड, शिवानी न्याति का कहना है, "हमारा नजरिया पॉजिटिव है। इसकी वजह हैं- EPC और केबल सेक्टर की दूसरी कंपनियों के मुकाबले आकर्षक वैल्यूएशन, 11.71% EBITDA मार्जिन के साथ अच्छा मुनाफा, और मुख्य प्रतिस्पर्धियों में सबसे ज्यादा RoNW। IPO से मिले पैसे से कर्ज कम करने की योजना से भविष्य में फाइनेंस कॉस्ट भी कम हो सकती है। कंपनी की सरकारी और PSU क्लाइंट्स पर निर्भरता बेहद ज्यादा है। रेवेन्यू का 53%–86% हिस्सा इसी से आता है। यह एक बड़ा रिस्क है, क्योंकि टेंडर बेस्ड कैश फ्लो में उतार-चढ़ाव हो सकता है।"
आगे कहा कि IPO में शेयर पाने वाले निवेशक थोड़ा मुनाफा वसूल सकते हैं और बाकी शेयर ₹98–100 के ट्रेलिंग स्टॉप-लॉस के साथ होल्ड कर सकते हैं। नए निवेशकों को लिस्टिंग के बाद हुई जबरदस्त बढ़त के बाद स्टॉक के पीछे नहीं भागना चाहिए और थोड़े कंसोलिडेशन का इंतजार करना चाहिए। अगर स्टॉक मजबूत वॉल्यूम के साथ ₹110–112 के ऊपर बना रहता है, तो यह ₹120–125 की ओर बढ़ सकता है। मीडियम-टर्म निवेशक समझदारी से पोजीशन साइजिंग करते हुए इसे होल्ड कर सकते हैं।
ल्यूमिनो इंडस्ट्रीज का वित्त वर्ष 2025-26 में रेवेन्यू 7 प्रतिशत बढ़कर ₹2,089.31 करोड़ हो गया। शुद्ध मुनाफा 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹160 करोड़ रहा। एक साल पहले रेवेन्यू ₹1,946.68 करोड़ और शुद्ध मुनाफा ₹124.59 करोड़ था। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी पर ₹384.16 करोड़ की उधारी थी।कंपनी का मार्केट कैप 3400 करोड़ रुपये के करीब है। शेयर की फेस वैल्यू 5 रुपये है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 71.97 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
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