लगभग दो साल तक COVID-19 के चलते लागू प्रतिबंधों से जूझने के बाद महाराष्ट्र के रेस्टोरेंट और बार संचालकों को एक और बड़ा झटका लगा है। राज्य के एक्साइज डिपार्टमेंट ने इन पर लागा होने वाली एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी है। Times of India की एक रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र के एक्साइज डिपार्टमेंट ने सभी बरों पर लागू वार्षिक एक्साइज ड्यूटी में 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी है। 28 जनवरी को प्रकाशित गजट नोटीफिकेशन के आधार पर ये जानकारी दी गई है। वाइन शॉप्स के लिए ये फीस 70 फीसदी बढ़ा दी गई है।
इस बढ़त के साथ ही अब बारों पर लगने वाली वार्षिक एक्साइज ड्यूटी 6.93 रुपए से बढ़कर 7.97 रुपए हो गई है। वहीं, वाइन शॉप्स पर लगने वाली ये ड्यूटी 15 लाख सालाना से बढ़कर 21 लाख पहुंच गई है।
बता दें कि बार और रेस्टोरेंट संचालक सरकार से मांग कर रहे थे कि कोरोना और उसके चलते लागू लॉकडाउन के कारण हुए नुकसान को देखते हुए उनको करों में 50 फीसदी की छूट मिलनी चाहिए। लेकिन हुए इसका उल्टा। महाराष्ट्र सरार के इस कदम की इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (AHAR)ने आलोचना की है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक AHAR ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार का यह कदम हमारे सेक्टर के लिए बड़ा झटका है। कोरोना की मार से पहले ही परेशान इस सेक्टर की परेशानी को सरकार ने और बढ़ा दिया है। AHAR ने परमिट रूम और बार लाइसेंस फीस में 50 फीसदी कटौती की मांग की है।
AHAR का कहना है कि हमारी मांग ना मानकर सरकार ने इस मुश्किल घड़ी में एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर कोढ़ में खाज का काम किया है। सरकार अपने इस तरह के कदम से होटल, बार और रेस्ट्रोरेंट इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा रही है जो सरकार को बड़ी मात्रा में रेवेन्यू देने के साथ ही तमाम लोगों को रोजगार भी देती है।