BSE कंपनियों ने सोमवार को बनाया नया रिकॉर्ड, 274.73 लाख करोड़ रुपये पहुंची मार्केट वैल्यू

BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन इससे पहले 18 अक्टूबर को 274.70 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा था

अपडेटेड Jan 10, 2022 पर 6:12 PM
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सोमवार को स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में आई तेजी के साथ BSE कंपनियों ने नया रिकॉर्ड बनाया

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन (Market Capitalisation) सोमवार को 274.73 ट्रिलियन रुपये के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसके पीछे सोमवार को स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में आई तेजी बड़ी वजह रही। इससे पहले 18 अक्टूबर को इन कंपनियों का मार्केट कैपिटलाइजेशन 274.70 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचा था।

सोमवार की उपलब्धि इसलिए भी अहम है क्योंकि बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी अभी भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से करीब 3 फीसदी नीचे कारोबार कर रहा है। हालांकि इसके बावजूद इनका मार्केट कैपिटलाइजेशन अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गया है। यह साफतौर पर बताता है कि नए साल के बाद से आई तेजी को गैर-इंडेक्स वाले शेयरों यानी छोटे और मझोले शेयरों से समर्थन मिला है।

सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने 19 अक्टूबर को अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर को छुआ था। हालांकि उसके बाद इनमें गिरावट का दौर शुरु हो गया और 21 दिसंबर तक दोनों इंडेक्स करीब 10 फीसदी तक नीचे आ गए थे।


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21 दिसंबर के बाद से इनमें फिर से तेजी का सिलसिला शुरू हुआ और तब से यह अब तक करीब 7.6 फीसदी चढ़ चुके हैं। की। इस अवधि में बीएसई मिडकैप इंडेक्स 7.5 फीसदी और बीएसई स्मॉलकैप 11.71 फीसदी और बीएसई 500 इंडेक्स करीब 7.6 फीसदी चढ़ा है।

Geojit Financial Services के चीफ इनवेस्टमें स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार ने बताया, " "2022 की शुरुआत में एनालिस्टों के बीच लगभग यह आम सहमति थी कि इस साल मामूली रिटर्न की उम्मीद है। हालांकि इस आम सहमति के उलट शेयर बाजारों ने साल की शुरुआत मजबूत उछाल के साथ की। स्टॉक की कीमतों में उछाल के पीछे एक बड़ी वजह FII की वापसी रही, जिन्होंने 7 जनवरी तक करीब 3207.44 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।"

विजयकुमार ने कहा, "बाजार को उम्मीद है कि इस सप्ताह से शुरू होने वाले तीसरी तिमाही के नतीजे बहुत अच्छे होंगे, खासकर आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर की कंपनिों। साथ ही बैंकिंग और रियल्टी सेक्टर के शेयरों मे तेजी ने भी सेंटीमेंट मजबूत किया है।"

एक एनालिस्ट ने बताया कि ग्लोबल स्तर पर कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर एक चिंता जरूर है। हालांकि इसका बाजार की सेहत पर कोई असर इसलिए नहीं पड़ रहा है क्योंकि बाजार को इस बार लॉकडाउन और आर्थिक बंदिशों की उम्मीद कम है। साथ ही ओमीक्रोन वेरिएंट के कम घातक होने से जुड़ी कुछ रिपोर्टों ने भी डर को कम करने का काम किया है।

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