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 90 के दशक जैसी स्थिति बन रही जब मार्केट क्रैश कर गया था, IPO पेश करने वाली 90% कंपनियां डूब गई थीं

आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअअल फंड के सीआईओ एस नरेन का मानना है कि अभी मार्केट में 90 के दशक के मध्य जैसी स्थिति दिख रही है। 90 के दशक के आखिर में मार्केट में बड़ी गिरावट आई थी। आईपीओ पेश करने वाली 90 फीसदी से ज्यादा कंपनियां दिवालिया हो गई थीं

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Aug 11, 2025 पर 2:44 PM
 90 के दशक जैसी स्थिति बन रही जब मार्केट क्रैश कर गया था, IPO पेश करने वाली 90% कंपनियां डूब गई थीं
एस नरेन ने कहा कि हम बड़े नुकसान से बचने के लिए 90 के दशक से हम तीन सबक ले सकते हैं।

अगर आप अभी बड़ा निवेश करने जा रहे हैं तो आपको सावधानी बरतने की जरूरत है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअअल फंड के सीआईओ एस नरेन ने अभी मार्केट को रिस्की बताया है। उन्होंने कहा कि इंडियन मार्केट्स में अभी 90 के दशक के मध्य जैसी स्थिति दिख रही है, जिसके बाद मार्केट क्रैश कर गया था। उन्होंने कहा आईपीओ की वैल्यूएशन ज्यादा दिख रही है और रिटेल इनवेस्टर्स कंपनियों के लिए फंड के मुख्य स्रोत बन गए हैं।

लिस्ट होने वाले शेयरों की कीमतें काफी महंगी हो गई हैं

उन्होंने कहा कि आज लिस्ट होने वाले ज्यादातर शेयरों में उनके अनुमानित अर्निंग्स के 40, 50 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। इससे यह साफ हो जाता है कि हम शेयर सस्ते भाव पर नहीं खरीद रहे। ऐसी स्थिति 1990 के दशक में मध्य में दिखी थी, जब कंपनियों के पैसे जुटाने के लिए बैंक नहीं बल्कि स्टॉक मार्केट्स मुख्य स्रोत था। तब आईपीई में पैसे लगाने वाले निवेशकों को एक दशक तक लॉस उठाना पड़ा था, क्योंकि शेयरों की कीमतों में उछाल के मुताबिक कंपनियों की अर्निंग्स नहीं बढ़ी थी।

90 के दशक में आईपीओ पेश करने वाली कंपनियां फेल हो गई थीं 

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