लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद बाजार में आज रिकवरी की कोशिश में देखने को मिल रही है। फ्लैट कारोबार के साथ निफ्टी 200 DMA को बचाने में कामयाब रहा है। बैंक निफ्टी में बढ़त कायम है। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी आज अच्छी रौनक लौटी है। इस बीच खबर आई है कि बाजार में हाल की गिरावट को सरकार सिर्फ वैल्युएशन करेक्शन मानती है। सरकार को जल्द FIIs के वापस लौटने का भरोसा है।
वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से सीएनबीसी-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक बाजार में गिरावट भले ही जारी हो लेकिन वित्त मंत्रालय को बाजार में गिरावट से नहीं बल्कि अमेरिका की नई सरकार से डर लगता है। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय दोनों देशों के बीच कारोबार की चिंताओं को लेकर सतर्क है।
पूरी खबर बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ लक्ष्मण रॉय ने कहा कि सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक भारत सरकार की ट्रंप सरकार की नीतियों को लेकर अनिश्चितता से निपटने की भी खास तैयारी है। बाजार में गिरावट को लेकर सरकार क्या सोच रही है और खासतौर से निजी निवेश में ठहराव पर वित्त मंत्रालय का क्या सोचना है? इस सवाल पर लक्ष्मण रॉय ने कहा कि सरकार बाजार पर फिक्रमंद है। लेकिन उसका मानना है कि बाजार में गिरावट चिंता का विषय नहीं है। वैल्युएशन करेक्शन की वजह से गिरावट आई है। बाहर जाने वाले FII जल्द वापस आ जाएंगे।
सरकार की अमेरिका की ट्रंप सरकार के कदमों पर पैनी नजर है। अमेरिका की तरफ से संभावित कदमों का विश्लेषण किया जा रहा है। दोनों देशों के बीच कारोबार की चिंताओं से सरकार वाकिफ है। किसी भी नकारात्मक कदम से निपटने की तैयारी की जा रही है। लंबे समय के लिए क्या कदम ?
लॉन्ग टर्म में निवेश बढ़ाने के उपायों पर फोकस
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार का लॉन्ग टर्म में निवेश बढ़ाने के उपायों पर फोकस बना हुआ है। FDI बढ़ाने के लिए नियम और शर्तें आसान की जाएंगी। इंफ्रा सेक्टर में निवेश बढ़ाने पर सरकार का खास जोर होगा। विदेशी निवेश लाने के लिए अलग अलग देशों में रोडशो किया जाएगा।