Market cues : निफ्टी के 24000 के ऊपर टिके रहने तक रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के साथ कंसोलिडेशन जारी रहने की उम्मीद
Market cues : जब तक निफ्टी 24,000 के ऊपर ट्रेड करता रहेगा,तब तक रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के साथ कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,400 पर है,जिसके बाद 23,250 (पिछले हफ्ते का निचला स्तर) पर अगला बड़ा सपोर्ट होगा
Market cues : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 0.95 प्रतिशत बढ़कर 18.79 पर पहुंच गया और अपने शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के आस-पास ही बना रहा
Market cues : Nifty पिछले तीन हफ्तों की 23,800–24,600 की कंसोलिडेशन रेंज से नीचे ही रहा। यह 0.2 प्रतिशत गिरा और सभी मुख्य मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जबकि 15 मई को मोमेंटम इंडिकेटर्स ने साइडवेज़ मूवमेंट दिखाया। जब तक इंडेक्स 24,000 से ऊपर ट्रेड करता है,तब तक रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के साथ कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। इसमें तत्काल सपोर्ट 23,400 पर है,जिसके बाद 23,250 (पिछले हफ़्ते का निचला स्तर) पर अगला सपोर्ट है। इन स्तरों से नीचे गिरने पर मंदड़िए अपनी पकड़ और मज़बूत कर सकते हैं और इंडेक्स को 23,100–23,000 के दायरे की ओर खींच सकते हैं। हालांकि,बाजार जानकारों का यह भी कहना है कि अगर इंडेक्स 24,000 के ऊपर जाता है,तो 24,300–24,500 की रेंज काफी अहम हो जाएगी।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,610, 23,556 और 23,469
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 23,785, 23,839 और 23,927
स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty 50 ने डेली चार्ट पर अपर शैडो वाली एक बेयरिश कैंडल बनाई,जो ऊंचे स्तरों पर बिकवाली के दबाव का संकेत है। इंडेक्स पिछले दिन के हाई के ऊपर बंद होने में नाकाम रहा,जबकि यह सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे बना रहा,जिनका ट्रेंड नीचे की ओर ही रहा। इंडेक्स अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत और 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तरों के नीचे भी बना रहा। RSI 45.13 पर,सिग्नल लाइन के नीचे बना रहा,जबकि MACD रेफरेंस और ज़ीरो दोनों लाइनों के नीचे रहा। हालांकि,हिस्टोग्राम के लाल बार में दिख रही कमजोरी थोड़ी और कम हुई। ये सभी फैक्टर,नज़दीक भविष्य में सावधानी भरे माहौल के साथ कमजोरी बने रहने का संकेत देते हैं।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 54,154, 54,319 और 54,585
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 53,622, 53,457 और 53,191
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 54,422, 55,809
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 52,798, 51,532
स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी बैंक 0.77 प्रतिशत गिरा और पिछले दिन की ट्रेडिंग रेंज के अंदर एक लाल कैंडल बनाई,जबकि यह अप्रैल की रैली और फरवरी के उच्च स्तर से अप्रैल के निचले स्तर तक हुई गिरावट,दोनों के 38.2 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तरों से नीचे बना रहा। यह रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच एक मंदी के रुझान का संकेत देता है। बैंकिंग इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से भी नीचे बना रहा,जिससे इसमें गिरावट का रुख बना रहा। RSI,जो 41.60 पर था,सिग्नल लाइन से नीचे बना रहा। वहीं MACD, रेफरेंस और ज़ीरो दोनों लाइनों से नीचे रहा और हिस्टोग्राम में कमजोरी बनी रही। ये सभी फैक्टर बैंकिंग इंडेक्स में लगातार मंदी और कमजोरी मोमेंटम का संकेत हैं।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 0.95 प्रतिशत बढ़कर 18.79 पर पहुंच गया और अपने शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज के आस-पास ही बना रहा। बुल्स को सपोर्ट पाने के लिए इसका 17 के लेवल से नीचे गिरना ज़रूरी है। जबकि 20 के लेवल से ऊपर जाने पर बुलिश ट्रेडर्स के लिए रिस्क बढ़ सकता है।
बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो (PCR)15 मई को पिछले सत्र के 1.17 से गिरकर 1.01 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, SAIL
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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