Market cues : 23500 के नीचे बने रहने तक निफ्टी में जारी रहेगा कंसोलिडेशन, 23100 के नीचे जाने पर आएगी बड़ी गिरावट
Market cues : जब तक निफ्टी 23,500 के नीचे बना रहता है,तब तक कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है। इसके लिए तत्काल सपोर्ट लेवल 23,100 है। अगर निफ्टी इस लेवल के नीचे गिरता है और वहां लगातार बना रहता है तो बाजार में बड़ी गिरावट आ सकती है
Market cues : पिछले सेशन में 8.53 प्रतिशत की गिरावट के बाद बुधवार को मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले इंडेक्स India VIX में 0.37 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 15.63 पर पहुंच गया
Market cues : ऊपरी लेवल पर बने दबाव के कारण निफ्टी में आगे और खरीदारी नहीं दिखी और 10 जून को यह मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। इंडेक्स क्लोजिंग बेसिस पर 23,400 के लेवल (अप्रैल की रैली का 50% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट) को बनाए नहीं रख सका और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा, जो लगातार नीचे की ओर रुख किए हुए थे। जब तक इंडेक्स 23,500 से नीचे रहता है तब तक कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है। इसके लिए तत्काल और अहम सपोर्ट 23,100 पर है। अगर यह लेवल टूटता है और उसके बाद भी गिरावट बनी रहती है,तो बाजार में बड़ी गिरावट आ सकती है। हालांकि,जानकारों का मानना है कि अगर निफ्टी 23,500 के लेवल को दोबारा हासिल कर लेता है और उसके ऊपर बना रहता है तो 23,800–24,000 के जोन की ओर बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,367, 23,424 और 23,516
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,183, 23,126 और 23,034
स्पेशल फॉर्मेशन : डेली चार्ट पर निफ्टी ने लॉन्ग अपर शैडो वाली एक छोटी बॉडी की बेयरिश कैंडल बनाई,जो ऊपरी लेवल पर दबाव का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन से नीचे बना रहा,जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स ने मिली-जुली तस्वीर दिखाई। RSI 39.01 पर अपनी सिग्नल लाइन से नीचे बना रहा। MACD भी अपनी रेफरेंस लाइन से नीचे रहा। हालांकि हिस्टोग्राम में कमजोरी कम होती दिखी। ये सभी बातें बाजार में सावधानी का रुख और ऊंचे स्तरों पर सीमित खरीदारी आने का संकेत दे रही हैं।
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,430, 55,555 और 55,757
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,025, 54,900 और 54,698
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,809, 57,195
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 54,576, 53,687
स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी बैंक ने भी 55,500 के लेवल को पार करने के बाद प्रॉफिट बुकिंग देखी और 0.2 परसेंट नीचे बंद हुआ। हालांकि,इसने क्लोजिंग बेसिस पर अपने 50 डे EMA को बनाए रखा और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज ऊपर की ओर बढ़ते रहे। RSI थोड़ा घटकर 54.66 पर आ गया लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर बना रहा। जबकि, MACD ने ग्रीन हिस्टोग्राम बार में और बढ़ोतरी के साथ पॉजिटिव क्रॉसओवर बनाए रखा। ये सभी इंडिकेटर बताते हैं कि कुछ समय के लिए प्रॉफिट-बुकिंग के बावजूद ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
पिछले सेशन में 8.53 प्रतिशत की गिरावट के बाद बुधवार को मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले इंडेक्स India VIX में 0.37 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 15.63 पर पहुंच गया। हालांकि तेजड़ियों का भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ने के लिए इंडिया VIX का 15 के स्तर से नीचे आना और वहां बने रहना जरूरी है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो 10 जून को पिछले सेशन के 1.06 से गिरकर 0.93 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक : कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक : केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक : एम्बर एंटरप्राइजेज इंडिया
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