Market cues : ऊपरी लेवल पर बने दबाव के कारण निफ्टी में आगे और खरीदारी नहीं दिखी और 10 जून को यह मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। इंडेक्स क्लोजिंग बेसिस पर 23,400 के लेवल (अप्रैल की रैली का 50% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट) को बनाए नहीं रख सका और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा, जो लगातार नीचे की ओर रुख किए हुए थे। जब तक इंडेक्स 23,500 से नीचे रहता है तब तक कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है। इसके लिए तत्काल और अहम सपोर्ट 23,100 पर है। अगर यह लेवल टूटता है और उसके बाद भी गिरावट बनी रहती है,तो बाजार में बड़ी गिरावट आ सकती है। हालांकि,जानकारों का मानना है कि अगर निफ्टी 23,500 के लेवल को दोबारा हासिल कर लेता है और उसके ऊपर बना रहता है तो 23,800–24,000 के जोन की ओर बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है।
