Market cues : निफ्टी में 23000 का सपोर्ट टूटने पर बढ़ सकती है गिरावट, आज इन अहम लेवल्स पर रहे नजर
Nifty Trade setup : आगे भी निफ्टी के लिए 23,000 का लेवल एक अहम सपोर्ट बना रह सकता है। अगर निफ्टी लगातार इस लेवल के नीचे बना रहता है,तो यह 22,800-22,700 की तरफ जा सकता है। वहीं,अगर निफ्टी 23,000 के ऊपर बना रहता है तो यह 23,300-23,500 के जोन की तरफ बढ़ सकता है
Trade Setup : विदेशी संस्थागत निवेशकों ने लगातार दूसरे सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और 25 सितंबर को 3,696 करोड़ रुपये के शेयर बेचे
Trade setup for today : पिछले कारोबारी दिन निफ्टी ने ट्रेडिंग के आखिरी कुछ घंटों में, खासकर 23,000 के साइकोलॉजिकल लेवल के करीब गिरने के बाद,रिकवरी की और 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। हालांकि,पूरे हफ्ते में इंडेक्स में 0.88 प्रतिशत की गिरावट आई। बाजार जानकारों का कहना है कि इसका बड़ा टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर बना हुआ है,क्योंकि इंडेक्स लगातार'लोअर हाई'और'लोअर लो'बना रहा है।
तेल की कीमतें और US के 10-साल के ट्रेजरी यील्ड ऊंचे बने रहे,हालांकि दोनों में थोड़ी नरमी आई है। इन हालात को देखते हुए,आगे चलकर 23,000 का स्तर एक अहम सपोर्ट लेवल बना रहने की उम्मीद है। अगर निफ्टी लगातार इस लेवल के नीचे बना रहता है,तो यह 22,800-22,700 की तरफ जा सकता है। वहीं,अगर निफ्टी 23,000 के ऊपर बना रहता है तो यह 23,300-23,500 के जोन की तरफ बढ़ सकता है। वही,अगर निफ्टी 23,000 के ऊपर बना रहता है तो यह 23,300-23,500 के जोन की ओर बढ़ सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
निफ्टी 50 (23,140) के लिए अहम लेवल
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 23,162, 23,196 और 23,250
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 23,054, 23,020 और 22,966
निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
निफ्टी 50 ने दिन के निचले स्तर 23,021 से रिकवरी के बाद डेली टाइमफ्रेम पर एक बुलिश कैंडल बनाई,जो पॉजिटिव चाल का संकेत है। हालांकि,इस रिकवरी में मजबूती की कमी है,क्योंकि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी बियर्स के पक्ष में है। सभी मुख्य मूविंग एवरेज लगातार गिरावट का संकेत दे रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर कमजोर रुझान के साथ साइडवेज बने रहे। RSI बढ़कर 34.23 पर पहुंच गया,लेकिन अभी भी 40 के स्तर से काफी नीचे है। MACD सिग्नल लाइन के नीचे बना रहा। हालांकि हिस्टोग्राम में कमजोरी कुछ कम हुई। कुल मिलाकर,ये इंडिकेटर बताते हैं कि हालिया रिकवरी में पर्याप्त मजबूती नहीं है और मंदी का ट्रेंड (बेयरिश स्ट्रक्चर)अभी भी बना हुआ है।
बैंक निफ्टी (55,580) के लिए अहम लेवल
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,721, 55,813 और 55,961
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 55,424, 55,332 और 55,183
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,897, 57,285
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 55,050, 54,055
बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
बैंक निफ्टी ने पिछले दिन के निचले स्तर को बनाए रखा और शुक्रवार को 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। इंडेक्स ने एक'बुलिश कैंडल'बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक शाप 'विक'(wick) थी,जो कुछ पॉजिटिव मोमेंटम का संकेत देती है। हालांकि ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव बना रहा। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा था और शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज में गिरावट का ट्रेंड जारी रहा। यह मई के निचले स्तर से जून के ऊंचे स्तर तक की रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से भी नीचे बना रहा। RSI 40 के निशान से नीचे रहा,हालांकि साइडवेज ट्रेंड के बीच यह मामूली रूप से बढ़कर 37.82 पर पहुंच गया। MACD सिग्नल लाइन से नीचे रहा,जबकि हिस्टोग्राम ने कमजोरी बढ़ने का संकेत दिया। कुल मिलाकर ये टेक्निकल इंडिकेटर बताते हैं कि इंडेक्स दबाव में है और बड़ ट्रेंड मंदड़ियों के पक्ष में बना हुआ है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार दूसरे सत्र में भी बिकवाली जारी रखी और 25 सितंबर को 3,696 करोड़ रुपये के शेयर बेचे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने इस सत्र के दौरान लगभग 2,838 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
इंडिया VIX
वोलैटिलिटी इंडेक्स,India VIX शुक्रवार को 4.16 प्रतिशत गिरकर 12.16 पर बंद हुआ। इससे पहले के सेशन में इसमें लगभग 23 प्रतिशत की तेज़ी आई थी। बुल्स को ज़्यादा राहत मिलने के लिए इस वोलैटिलिटी इंडेक्स का और नीचे आना ज़रूरी है। यानी इसे 12 के लेवल से काफी नीचे आना होगा। तब तक,बुल्स के खेमे में सावधानी बनी रहने की संभावना है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 25 सितंबर को बढ़कर 0.97 हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 0.81 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, LIC हाउसिंग फाइनेंस, मणप्पुरम फाइनेंस, SAIL
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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