Market cues: निफ्टी 50 में रिकवरी देखने को मिली है,लेकिन 22 मई को यह पिछले दिन की रेंज के अंदर ही ट्रेड करता रहा और अंत में 0.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। हाल के दिनों में इंडेक्स ने 23,300–23,800 की कंसोलिडेशन रेंज को तोड़ने के कई प्रयास किए,लेकिन ऊपरी स्तरों पर लगातार हिचकिचाहट और बिकवाली के दबाव के कारण वह इसमें सफल नहीं हो पाया। मोमेंटम इंडिकेटर्स अब कुछ हद तक मंदी के रुझान के कमजोर पड़ने का संकेत दे रहे हैं,हालांकि कुल मिलाकर रुझान अभी भी निगेटिव बना हुआ है। इसलिए, आने वाले सत्रों में 23,800 (20-दिन का EMA) से ऊपर कोई भी मज़बूत बढ़त बुल्स का जोश बढ़ा सकती है और Nifty 50 को 24,000 और 24,300 की ओर ले जा सकती है। बाजार जानकारों का कहना है कि तब तक यह कंसोलिडेशन जारी रह सकता है,जिसमें तत्काल सपोर्ट 23,600–23,400 के दायरे में है।
