Market cues : 24350 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में आएगी तेजी, 24000–23950 का सपोर्ट टूटने पर खुल सकता है 23800 का रास्ता
Market cues : निफ्टी को 24,500–24,600 की ओर रैली करने के लिए 24,350 के ऊपर चढ़ना और टिके रहना होगा। तब तक बाजार में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए 24,000–23,950 पर तत्काल सपोर्ट है। बाजार जानकारों का कहना है कि इस जोन से नीचे गिरने पर निफ्टी के लिए 23800 का रास्ता खुल सकता है
Market cues : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX बुधवार को और गिरकर 17.44 पर आ गया। इसमें 3.38 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। लगातार तीसरे सत्र में भी इसमें गिरावट जारी रही
Market cues: Nifty ने 29 अप्रैल को ऊपरी स्तरों पर दबाव का सामना करने के बावजूद,0.80 फीसदी की बढ़त के साथ वापसी की। लेकिन आने वाले सत्रों में इस बढ़त को जारी रखने के लिए इसे और अधिक सपोर्ट की जरूरत होगी। मोमेंटम इंडिकेटर्स पूरी तरह से इसके पक्ष में नहीं हैं और इंडेक्स पिछले पांच सत्रों में 50-डे EMA के ऊपर टिके रहने में असफल रहा है। इस बीच,तेल की कीमतें बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं,क्योंकि ट्रंप होर्मुज़ की नाकेबंदी पर तब तक अड़े रहे जब तक कि ईरान किसी परमाणु समझौते पर सहमत नहीं हो जाता। फेड की बैठक के नतीजों से पहले भी सावधानी बरती गई। यूएस फेड ने नीति दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। निफ्टी को 24,500–24,600 की ओर रैली करने के लिए 24,350 के ऊपर चढ़ना और टिके रहना होगा। तब तक बाजार में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए 24,000–23,950 पर तत्काल सपोर्ट है। बाजार जानकारों का कहना है कि इस जोन से नीचे गिरने पर निफ्टी के लिए 23800 का रास्ता खुल सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,086, 24,021 और 23,916
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,296, 24,361 और 24,466
स्पेशल फॉर्मेशन:Nifty ने डेली चार्ट्स पर अपर शैडो वाली एक बुलिश कैंडल बनाई,जो ऊंचे लेवल्स पर दबाव के बावजूद एक पॉजिटिव मूव का संकेत है। इंडेक्स 10- और 20-दिन के EMAs के साथ-साथ 23.6 प्रतिशत फाइबोनाची रिट्रेसमेंट (अप्रैल के निचले स्तर से हुई रैली का)के ऊपर बंद हुआ,लेकिन बुधवार की रैली के दौरान यह 50-दिन के EMA या 50 प्रतिशत फाइबोनाची रिट्रेसमेंट (फरवरी के ऊंचे स्तर से अप्रैल के निचले स्तर तक हुई गिरावट का) के ऊपर टिक नहीं पाया। RSI बढ़कर 53.19 पर पहुंच गया,लेकिन सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा। MACD, रेफरेंस और ज़ीरो लाइन से ऊपर बना रहा लेकिन हिस्टोग्राम की हरी पट्टियां लगातार आठ सत्रों से छोटी होती जा रही हैं। यह सब इस बात का संकेत है कि सकारात्मक रुझान के बावजूद,तेजी का जोर कमजोर पड़ रहा है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,964, 56,173 और 56,513
पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 55,285, 55,075 और 54,736
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 55,809, 57,195
फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 54,576, 53,687
स्पेशल फॉर्मेशन: बैंक निफ्टी एक सीमित दायरे में रहा और अंत में मामूली बढ़त के साथ सपाट बंद हुआ। डेली टाइमफ्रेम पर इसने ऊपर की ओर एक 'विक' (wick)वाली 'बेयरिश कैंडल'बनाई जो यह संकेत देता है कि बिकवाली के दबाव के कारण यह ऊंचे स्तरों पर टिक पाने में लगातार असमर्थ रहा है। 10- और 20-दिनों के EMA से ऊपर जाने की इंट्राडे कोशिश के बावजूद यह इंडेक्स सभी प्रमुख 'मूविंग एवरेज'से नीचे ही बना रहा। इंडेक्स लगातार दूसरे सेशन में भी 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट (अप्रैल की रैली का) से नीचे रहा। RSI 48.46 पर स्थिर रहा और इसमें एक नेगेटिव क्रॉसओवर देखने को मिला,जबकि MACD सिग्नल और ज़ीरो लाइन की ओर नीचे गिर रहा है। हिस्टोग्राम की हरी बार्स लगातार छठे सेशन में छोटी हुई हैं। यह सब लगातार कमज़ोरी और ऊपर की ओर मज़बूत गति की कमी का संकेत देता है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 29 अप्रैल को लगातार आठवें सत्र में अपनी बिकवाली जारी रखी और 2,468 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने 2,262 करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर बाज़ार को सहारा देना जारी रखा, जिससे FIIs की लगातार हो रही बिकवाली के असर को कम करने में मदद मिली।
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX बुधवार को और गिरकर 17.44 पर आ गया। इसमें 3.38 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। लगातार तीसरे सत्र में भी इसमें गिरावट जारी रही और यह अपने शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। यह इस बात का संकेत है कि 'बुल' (खरीदारों) को बाज़ार में अब ज़्यादा सपोर्ट मिल रहा है। आने वाले सत्रों में अगर यह 15 के स्तर से नीचे गिरता है,तो इससे बाजार में और ज़्यादा स्थिरता आ सकती है और अनिश्चितता कम हो सकती है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 29 अप्रैल को बढ़कर 1.04 हो गया,जबकि पिछले सत्र में यह 0.98 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
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