Market cues : बाजार का टेक्निकल ढ़ांचा अभी भी कमजोर, इंट्राडे में मुनाफे के ट्रेड पकड़ने के लिए इन लेवल्स पर रहे नजर
Nifty Trade setup : ऊपर की ओर रिकवरी को आगे बढ़ाने के लिए निफ्टी को 22,800–22,850 के तत्काल रेजिस्टेंस जोन को पार करना होगा। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार में किसी गिरावट की स्थिति में 22,500–22,400 की रेंज एक तात्काल सपोर्ट जोन के रूप में काम कर सकती है
Trade Setup : बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडिया VIX अपनी तेजी को जारी रखते हुए 1.78 प्रतिशत बढ़कर 17.16 पर बंद हुआ
Trade setup for today : पिछले हफ्ते 2.36 प्रतिशत की गिरावट के बाद, 26 अक्टूबर को निफ्टी में 0.68 प्रतिशत की रिकवरी देखने को मिली। हालांकि,कमजोर टेक्निकल ढांचे,27 अक्टूबर को होने वाली मंथली डेरिवेटिव्स एक्सपायरी से पहले की सावधानी और कच्चे तेल की कीमतों के 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर रहने के कारण,यह रिकवरी कितनी टिकाऊ होगी,इसे लेकर चिंता बनी हुई है। मोटे तौर पर जब तक निफ्टी किसी भी एक तरफ स्पष्ट रूप से ब्रेकआउट करके कोई साफ दिशा नहीं पकड़ लेता, इसके 22,200–23,200 के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है। ऊपर की ओर रिकवरी को आगे बढ़ाने के लिए निफ्टी को 22,800–22,850 के तत्काल रेजिस्टेंस जोन को पार करना होगा। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार में किसी गिरावट की स्थिति में 22,500–22,400 की रेंज एक तात्काल सपोर्ट जोन के रूप में काम कर सकती है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
निफ्टी 50 (22,753) के लिए महत्वपूर्ण स्तर
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 22,771, 22,857 और 22,997
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 22,491, 22,405 और 22,265
निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
निफ्टी ने पिछले दिन की ट्रेडिंग रेंज के भीतर एक लॉन्ग बुलिश कैंडल बनाई, जिसमें नीचे की तरफ एक बड़ी विक (wick) है। यह निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। हालांकि,रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच इस पैटर्न का महत्व सीमित ही रहता है। इंडेक्स सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड करता रहा,जो यह संकेत देता है कि बड़ा तकनीकी ढांचा अभी भी कमजोर है। RSI बढ़कर 46.08 पर पहुंच गया और अपनी सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा,जो मोमेंटम में मामूली सुधार का संकेत है। वहीं, MACD अपनी रेफरेंस लाइन के ऊपर बना रहा, हालांकि हरे रंग का हिस्टोग्राम बार लगातार चौथे सेशन में छोटा हो गया,जो ऊपर की ओर के मोमेंटम में कमी का संकेत देता है। कुल मिलाकर, इंडीकेटर एक संभावित रिकवरी की ओर इशारा कर रहे हैं, लेकिन तेजी के रुझान को मजबूत करने और संभावित ट्रेंड रिवर्सल की पुष्टि के लिए फॉलोअप बाइंग बनी रहना जरूरी है।
बैंक निफ्टी (54,367) के लिए महत्वपूर्ण स्तर
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 54,414, 54,559 और 54,794
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 53,944, 53,799 और 53,564
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 54,937, 55,657
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 54,053, 52,784
बैंक निफ्टी स्पेशल फॉर्मेशन
बैंक निफ्टी ने डेली चार्ट पर एक बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक लंबी शैडो है। यह दिन के निचले स्तर से आई मजबूत रिकवरी को दर्शाता है, जो निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत है। हालांकि, इंडेक्स सभी प्रमुख मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड करता रहा और ये सभी मूविंग एवरेज नीचे की ओर झुके हुए थे,जिससे पता चलता है कि बड़ा तकनीकी ढांचा अभी भी कमजोर बना हुआ है। RSI बढ़कर 38.74 पर पहुंच गया, लेकिन अपनी सिग्नल लाइन के नीचे ही रहा,जो यह दर्शाता है कि मंदी का रुझान (bearish momentum) बना हुआ है। वहीं, MACD में एक 'बेयरिश क्रॉसओवर' दिखा और हिस्टोग्राम लाल हो गया,जो लगातार बने गिरावट के दबाव का संकेत है। कुल मिलाकर,टेक्निकल इंडीकेटर निचले स्तरों पर खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत देते हैं, लेकिन बड़ा रुझान अभी भी कमजोर बना हुआ है। किसी पॉजिटिव बदलाव की पुष्टि के लिए लगातार सुधार की जरूरत है।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो (करोड़ रुपए में)
इंडिया VIX
बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव (volatility) को मापने वाला इंडिया VIX अपनी तेजी को जारी रखते हुए 1.78 प्रतिशत बढ़कर 17.16 पर बंद हुआ। यह 22 मई के बाद का इसका सबसे हाई क्लोजिंग लेवल है। उतार-चढ़ाव में लगातार हो रही यह बढ़त बाजार में बढ़ती सतर्कता का संकेत है और तेजड़ियों के लिए एक चुनौती है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 26 अक्टूबर को बढ़कर 1.11 पर पहुंच गया,जबकि पिछले सत्र में यह 0.81 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: अंबुजा सीमेंट्स, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, सेल (SAIL)
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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